छत्तीसगढ़

500 CCTV और 5000 कॉल डिटेल… कवर्धा में 56 दिन बाद सुलझी सत्यमदास की मर्डर मिस्ट्री; लड़कों के साथ बनाता था संबंध

रायपुर में 17 जनवरी को हुई सत्यमदास मानिकपुरी की हत्या की गुत्थी 56 दिन बाद सुलझ गई है। पुलिस ने एक किशोर को हिरासत में लिया है। जांच में खुलासा हुआ कि मृतक द्वारा आरोपी पर अप्राकृतिक संबंध बनाने और ब्लैकमेल करने का दबाव बनाया जा रहा था।

HighLights

  1. सत्यमदास मानिकपुरी हत्या की गुत्थी 56 दिन बाद सुलझी
  2. मृतक के ब्लैकमेल से परेशान किशोर ने की हत्या
  3. पुलिस ने 500 CCTV और 5000 कॉल डिटेल्स खंगाले

 शहर के लालपुर नर्सरी के पीछे 17 जनवरी को हुई सत्यमदास मानिकपुरी (27) की हत्या की गुत्थी पुलिस ने 56 दिन की लंबी जांच के बाद सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने एक विधि से संघर्षरत किशोर (आरोपित) को अभिरक्षा में लिया है।

जांच में राजफाश हुआ कि मृतक द्वारा आरोपित पर लगातार अप्राकृतिक संबंध बनाने का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सत्यमदास मानिकपुरी पेशे से नृत्य प्रशिक्षक था।

वह निजी विद्यालयों में कथक नृत्य सिखाने जाया करता था। वह पूर्व में भी कई लड़कों के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बना चुका था। उसकी इस प्रवृत्ति के बारे में जानने वाले एक युवक ने ही दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र से उसकी मुलाकात कराई थी।

500 सीसीटीवी और पांच हजार नंबरों का विश्लेषण

मृतक सत्यमदास मानिकपुरी नृत्य प्रशिक्षक था। हत्या के बाद से शहर में दहशत का माहौल था क्योंकि घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और लगभग पांच हजार मोबाइल नंबरों के कॉल विवरण का विश्लेषण किया। 100 से अधिक लोगों से पूछताछ के बाद जांच की कड़ियां एक किशोर आरोपित तक पहुंचीं।

इंटरनेट मीडिया और डिजिटल साक्ष्य बने आधार

पुलिस ने जब मृतक और आरोपित की इंटरनेट मीडिया गतिविधियों और इंटरनेट संवाद को खंगाला, तो ब्लैकमेलिंग (ब्लैकमेल/धमकाना) का बड़ा राजफाश हुआ। तीन महीने पहले दोनों के बीच सहमति से संबंध बने थे, लेकिन बाद में मृतक उसे लगातार ब्लैकमेल करने लगा। इस मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए उसने सत्यमदास को लालपुर नर्सरी के पीछे मिलने बुलाया और धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।

साक्ष्य मिटाने की कोशिश और मोबाइल खोज इतिहास

वारदात के बाद आरोपित ने सबूत मिटाने के हर संभव प्रयास किए। उसने मृतक का मोबाइल और सिम कार्ड अलग-अलग स्थानों पर नदी में फेंक दिए थे। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर मोबाइल बरामद कर लिया है। साथ ही, घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े, उपयोग में लाई गई स्कूटी और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी जब्त कर लिया गया है।

मानसिक स्थिति और अपराध की योजना

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित ने घटना से पहले इंटरनेट पर ‘अपराध के बाद पुलिस से कैसे बचें’, ‘मोबाइल ट्रैकिंग से बचाव’ और ‘मानसिक तनाव’ जैसे विषयों को खोजा था। आरोपित की यह खोज (सर्च हिस्ट्री) उसकी मानसिक स्थिति और अपराध की योजना को साबित करने के लिए अहम कड़ी बनी। वर्तमान में आरोपित को अभिरक्षा में लेकर पुलिस नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!