छत्तीसगढ़

ईस्ट-वेस्ट रेल कॉरिडोर में तेजी, पेंड्रा रोड पर नॉन-इंटरलॉकिंग पूरा; 135 किमी लाइन से बढ़ेगा कनेक्टिविटी

पेंड्रारोड-गेवरारोड के बीच बन रही 135 किमी रेल लाइन का काम तेजी से जारी है। नॉन-इंटरलॉकिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर नई लाइन को नेटवर्क से जोड़ा गया। परियोजना से क्षेत्र में परिवहन, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ रेल विकास निगम की बहुप्रतीक्षित ईस्ट-वेस्ट रेल कॉरिडोर परियोजना के तहत पेंड्रारोड से गेवरारोड के बीच बन रही लगभग 135 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। यह परियोजना क्षेत्र में रेल संपर्क को सुदृढ़ करने के साथ-साथ यात्री और माल परिवहन को नई दिशा देने वाली साबित होगी।

परियोजना के तहत पेंड्रा रोड स्टेशन को नई रेल लाइन से जोड़ने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग का महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस तकनीकी प्रक्रिया के लिए करीब 6 घंटे का ब्लॉक लिया गया, जिसके दौरान सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन करते हुए कार्य निर्धारित समय सीमा में संपन्न किया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य नई लाइन को मौजूदा रेल नेटवर्क से सुरक्षित रूप से जोड़ने के लिए अत्यंत आवश्यक होता है।

उल्लेखनीय है कि इस रेल कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत गेवरारोड और पेंड्रा रोड दोनों ओर के कई हिस्सों में ट्रैक बिछाने का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष खंड में निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। परियोजना में आधुनिक तकनीकों और संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

इस रेल लाइन के शुरू होने से क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, विशेषकर खनिज और अन्य उत्पादों के परिवहन में सुगमता आएगी। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

यात्रियों के लिए भी यह परियोजना काफी लाभकारी सिद्ध होगी। नई रेल लाइन के चालू होने से यात्रा अधिक सुविधाजनक, तेज और सुरक्षित हो सकेगी। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और छत्तीसगढ़ रेल विकास निगम इस महत्वपूर्ण परियोजना को समयबद्ध और सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अधिकारियों का कहना है कि कार्य प्रगति पर है और जल्द ही यह परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!