नेतन्याहू ने ट्रंप को बताया ईरान पर हमला करने का मौका

HighLights
- खामेनेई को निशाना बनाने का प्रस्ताव
- ट्रंप ने युद्ध से बचने की इच्छा जताई
- अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला किया
ईरान पर हमले से 48 घंटे पहले, नेतन्याहू ने ट्रंप को फोन कर बताया कि खामेनेई पर हमला करने का मौका अब या कभी नहीं है। यह ट्रंप के खिलाफ ईरानी साजिशों का जवाब देने का भी अवसर था।
खुफिया जानकारी और बैठक
इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बताया गया कि खामेनेई और उनके सहयोगी अपने परिसर में बैठक करेंगे। बैठक का समय बदल गया और नेतन्याहू ने इसे कार्रवाई का सर्वोत्तम समय बताया।
ट्रंप का नजरिया
ट्रंप पहले युद्ध से बचना चाहते थे और कूटनीति को प्राथमिकता देते थे। जून में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया, लेकिन ट्रंप ने आगे के विकल्पों पर विचार जारी रखा।
सैन्य और कूटनीतिक प्रयास
मार-ए-लागो दौरे के दौरान नेतन्याहू ने जून ऑपरेशन से असंतोष जताया। इस साल ईरान में विरोधी आंदोलन के दौरान, अमेरिकी और इजरायली सेनाओं के बीच समन्वय मजबूत हुआ।
निष्कर्ष
नेतन्याहू की वार्ता और खुफिया जानकारी ने ट्रंप के निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह अवसर ट्रंप के लिए निर्णायक साबित हुआ।



