गोरखपुर में अवैध शराब तस्करी का बड़ा खुलासा: नंबर प्लेट बदलकर बिहार पहुंचाई जा रही थी 1611 बोतल शराब, दो तस्कर गिरफ्तार

संवाद सूत्र, मुंडेरा बाजार (गोरखपुर)
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में चौरी चौरा थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से हरियाणा निर्मित 1611 बोतल अवैध शराब बरामद की है, जिसकी कुल मात्रा करीब 290 लीटर बताई जा रही है। इसके साथ ही एक संदिग्ध कार को भी जब्त किया गया है, जिसमें कई तकनीकी गड़बड़ियां पाई गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई उस समय की गई जब उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि हरियाणा से शराब की बड़ी खेप बिहार ले जाई जा रही है और तस्कर चौरी चौरा क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी निरीक्षक वेद प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नबियहवा रेलवे ओवरब्रिज के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया।
चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार पर पुलिस की नजर पड़ी, जिस पर बिहार का नंबर प्लेट लगा हुआ था। पुलिस ने जैसे ही वाहन को रुकने का संकेत दिया, कार सवार दोनों युवक घबराकर कुछ दूरी पहले ही वाहन रोककर भागने लगे। हालांकि, पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और दोनों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र के पीपलू निवासी दीपक और सुसाना निवासी धीरज अहलावत के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान दीपक के पास से 470 रुपये और एक मोबाइल फोन तथा धीरज के पास से 270 रुपये बरामद हुए।
जब पुलिस ने वाहन की गहन जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कार के इंजन और चेसिस नंबर अलग-अलग पाए गए, जिससे वाहन के फर्जी होने की आशंका और गहरा गई। ई-चालान प्रणाली के माध्यम से की गई जांच में पता चला कि वाहन का पंजीकरण बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव निवासी एक महिला के नाम पर दर्ज है।
इसके बाद जब कार की तलाशी ली गई तो उसमें से 180 एमएल की कुल 1611 बोतल हरियाणा निर्मित शराब बरामद हुई। तस्करों के पास इस शराब के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने मौके पर ही शराब और वाहन को कब्जे में ले लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि बिहार में लागू शराबबंदी कानून का फायदा उठाकर वे हरियाणा से सस्ते दामों पर शराब खरीदते थे और उसे बिहार में तीन गुना कीमत पर बेचते थे। इससे उन्हें भारी मुनाफा होता था।
तस्करों ने यह भी बताया कि वे पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाते थे। यात्रा के दौरान वे कई बार वाहन का नंबर प्लेट बदलते थे। हरियाणा से निकलते समय वे वहां का नंबर प्लेट लगाते थे, फिर रास्ते में किसी अन्य जिले का नंबर प्लेट लगाते और गोरखपुर की सीमा में प्रवेश करने से पहले बिहार का नंबर प्लेट लगा देते थे, ताकि शक न हो। पुलिस ने वाहन के अंदर से हरियाणा का एक अतिरिक्त नंबर प्लेट भी बरामद किया है।
इस पूरे मामले पर एसपी नार्थ ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही, इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
गौरतलब है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से अवैध शराब तस्करी के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी कर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचना तस्करों के लिए एक बड़ा मुनाफे का जरिया बन गया है। पुलिस और आबकारी विभाग लगातार ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं।
फिलहाल, गोरखपुर पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है और इससे क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


