पूर्व इंग्लैंड गेंदबाज एंडरसन ने ‘द हंड्रेड’ के हर पल को नफरत दी

मैनचेस्टर, इंग्लैंड। 43 वर्षीय पूर्व इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने हाल ही में शुरू हुए 100 बॉल फॉर्मेट, ‘द हंड्रेड’ के अपने अनुभव को बेहद खराब बताया है। एंडरसन, जिन्होंने 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था, को 2025 के ‘द हंड्रेड’ सत्र में मैनचेस्टर ओरिजिनल्स टीम में वाइल्डकार्ड के तौर पर चुना गया था। हालांकि, इस नए फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत धीमा रहा, जहां वे तीन मैचों में मात्र दो विकेट ही ले सके।
एंडरसन ने मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि उन्होंने इस फॉर्मेट के हर पल को ‘नफरत’ की नजर से देखा। 43 वर्षीय इस अनुभवी खिलाड़ी ने कहा कि उनके लिए यह फॉर्मेट काफी चुनौतीपूर्ण और असामान्य था। ‘द हंड्रेड’ फॉर्मेट क्रिकेट की एक नई शैली है जिसमें बॉल की संख्या कम होने के कारण बल्लेबाजी अधिक आक्रामक होती है, जिससे गेंदबाजों को दबाव का सामना करना पड़ता है।
एंडरसन के अनुसार, उन्होंने इस फॉर्मेट में मन और शरीर दोनों की थकावट महसूस की। उन्होंने यह भी कहा कि यह अनुभव उनके लिए प्रेरणादायक नहीं रहा। एंडरसन ने कहा, “मैंने हर मिनट को नफरत की नजर से देखा, क्योंकि यह मेरे खेलने के तरीके से मेल नहीं खाता।”
जेम्स एंडरसन, जो विश्व क्रिकेट के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में से एक माने जाते हैं, ने अपने करियर में इंग्लैंड के लिए 600 से अधिक टेस्ट विकेट अपने नाम किए। उनका संन्यास कई प्रशंसकों और विशेषज्ञों के लिए एक बड़े झटक के तौर पर देखा गया था। उनके संन्यास के बाद, ‘द हंड्रेड’ जैसे नए फॉर्मेट ने युवा खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर प्रदान किए हैं।
इस फॉर्मेट में खेलने के दौरान, एंडरसन को गेंदबाजी में अपनी पुरानी तेज़ी और सटीकता बनाए रखने में कठिनाई हुई, जिसके कारण उनके प्रदर्शन पर सवाल उठाए गए। मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के कोच ने भी माना कि एंडरसन के लिए यह चुनौतीपूर्ण दौर था।
विशेषज्ञों के मतानुसार, यह अनुभव एंडरसन के लिए एक नया सबक था, जिन्होंने पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट को हमेशा प्राथमिकता दी। उनके इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि फास्ट फिट एवं आक्रामक नए फॉर्मेट क्रिकेट में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका तेजी से बदल रही है।
फैंस और क्रिकेट विश्लेषकों ने भी एंडरसन के इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ ने उनकी ईमानदारी की सराहना की, जबकि कई ने नए फॉर्मेट के महत्व और क्रिकेट के विकास के लिए इसे आवश्यक बताया।
इस पूरे घटनाक्रम से यह जाहिर होता है कि क्रिकेट के बदलते स्वरूप में अनुभवी खिलाड़ियों के लिए अनुकूलन करना आसान नहीं है। पोर्टेबल और त्वरित खेल तकनीकों के कारण, कई दिग्गज खिलाड़ी अपनी जगह बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। एंडरसन का अनुभव इस बात का जीवंत प्रमाण है।


