फतेहपुर में शिक्षकों का अनोखा प्रदर्शन, टेट अनिवार्यता के खिलाफ मशाल जुलूस
सरकार के फैसले को बताया “काला कानून”, मांगें न मानी गईं तो विधान भवन और संसद घेराव की चेतावनी

संवाददाता बृजेन्द्र मौर्य
फतेहपुर। जिले में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। टेट (TET) की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकालते हुए सरकार के निर्णय का जोरदार विरोध किया।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की और टेट अनिवार्यता को “काला कानून” बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह फैसला उनके अधिकारों का हनन है और लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के भविष्य को खतरे में डाल रहा है।
शिक्षकों का आरोप है कि सरकार बिना जमीनी हकीकत को समझे ऐसे निर्णय लागू कर रही है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। शिक्षक नेता निधान सिंह ने कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर शिक्षक विधान भवन और संसद भवन का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
मशाल जुलूस शहर के विद्यार्थी चौराहे पर समाप्त हुआ, जहां बड़ी संख्या में शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और आगे की रणनीति पर चर्चा की।




