विद्यालय शासन को विकेंद्रीकृत करने के प्रयास में केंद्र ने स्थानीय समितियों को अधिकार दिए

नई दिल्ली, भारत | 27 अप्रैल 2024
केंद्र सरकार ने स्कूलों के शासन में व्यापक सुधार करते हुए नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो कि स्कूल प्रबंधन समितियों (SMCs) के अधिकार और दायित्वों का विस्तार करते हैं। इन नए नियमों के अनुसार, अब SMCs की जिम्मेदारियां न केवल प्राथमिक बल्कि माध्यमिक विद्यालयों तक भी बढ़ाई गई हैं। यह कदम शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और स्थानीय स्तर पर प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधन समितियों के कम से कम 75 प्रतिशत सदस्य अभिभावक होंगे, जिनमें से 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। इससे समुदाय की हिस्सेदारी बढ़ेगी और शिक्षण माहौल में लैंगिक समानता को भी बल मिलेगा। इसके अलावा, SMCs को अब स्कूलों के नागरिक कार्यों की निगरानी और निष्पादन का अधिकार भी दिया गया है, जिनकी लागत 30 लाख रुपये तक हो सकती है।
SMCs की यह नई जिम्मेदारी न केवल निर्माण कार्यों तक सीमित है, बल्कि अब वे स्कूल की प्रगति रिपोर्ट, बजट समीक्षा और प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM-POSHAN) की निगरानी भी करेंगे। इससे सुनिश्चित होगा कि सरकारी योजनाएं सही तरीके से लाभार्थियों तक पहुंच रही हैं और संसाधनों का उचित उपयोग हो रहा है।
शिक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि इस कदम से विद्यालय प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। स्थानीय समुदाय की भागीदारी से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया में अभिभावकों तथा शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।
केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि SMCs को नियमित आधार पर स्कूल के वित्तीय एवं प्रशासनिक मामलों की जांच करनी होगी ताकि स्कूलों के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे अपने दायित्त्वों का प्रभावी तरीके से निर्वाह कर सकें।
यह योजना देश भर में स्कूलों में शासन के विकेंद्रीकरण को मजबूत करेगी और मजबूती से लागू की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक राज्य और जिला शिक्षा अधिकारियों को स्थानीय समितियों के कार्यों की निगरानी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, जिससे स्कूली शिक्षा में सुधार के सतत प्रयास संभव हो सकें।
इस प्रकार के सुधार शिक्षा के क्षेत्र में नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देते हैं और बेहतर स्कूल प्रबंधन की नींव रखते हैं। अभिभावकों की बढ़ी हुई भागीदारी से बच्चों की शिक्षा में सुधार और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सरकार का यह सुधारात्मक प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।



