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दामे जिल्ली कूपर ने ‘राइवल्स’ टीम को माचो पुरुषों को रुलाने से रोकने को कहा

लंदन, इंग्लैंड – प्रसिद्ध उपन्यासकार डेम जिल्ली कूपर ने हाल ही में टीवी शो ‘राइवल्स’ की टीम को कड़ा फटकार लगाई है। शो के एक कार्यकारी निर्माता ने बताया कि कूपर ने टीम से अनुरोध किया कि वे अपने पात्रों को इस तरह से नहीं पेश करें कि वे ‘माचो पुरुष’ रोते हुए नजर आएं।

डेम जिल्ली कूपर, जो अपनी सामाजिक ड्रामा शैली के लिए जानी जाती हैं, ने यह बात शो के परिदृश्य और चरित्र चित्रण को लेकर की है। उनका मानना है कि पुरुषों की संवेदनशीलता का सही सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन इसे इस तरह नहीं दिखाना चाहिए जिससे उनकी मर्दानगी पर सवाल उठे।

‘राइवल्स’ एक लोकप्रिय टीवी श्रृंखला है जो विभिन्न संघर्षों और मानवीय भावनाओं को दिखाती है। इस श्रृंखला के दौरान, कुछ पात्रों को भावुक और संवेदनशील दिखाने की कोशिश की गई है, जो दर्शकों के बीच विवाद का विषय बनी। डेम कूपर ने इस संदर्भ में टीम को निर्देश दिया कि वे कथा में संतुलन बनाए रखें।

कार्यकारी निर्माता ने बताया कि कूपर के निर्देश से पूरी टीम ने इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज के दौर में पुरुषों की भावनाओं को खुलकर व्यक्त करना आवश्यक है, लेकिन इसे प्रस्तुत करते समय सावधानी बरतनी चाहिए ताकि यह पारंपरिक सामाजिक मान्यताओं के लिए नुकसानदायक न बने।

डेम जिल्ली कूपर का यह फैसला साहित्य और फिल्म जगत में पुरुष पात्रों के चित्रण को लेकर एक नई बहस चलाने वाला कदम माना जा रहा है। इससे पहले भी वे अपनी मजबूत राय और स्पष्ट विचारों के लिए जानी जाती रही हैं।

समीक्षकों का कहना है कि शो ‘राइवल्स’ में बदलाव दर्शकों को अधिक संवेदनशील और समय की जरूरत को समझने वाला कंटेंट प्रदान करेगा, जो समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में मदद करेगा।

अब देखने वाली बात यह है कि आगामी एपिसोड में टीम किस तरह से इन निर्देशों को लागू करती है और दर्शकों की प्रतिक्रिया क्या रहती है।

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