सोनभद्र में ‘पेड़ है तो प्राण है’ अभियान के तहत सैकड़ों फलदार पौधे वितरित, पेड़ों की कटाई पर आंदोलन की चेतावनी
संदीप मिश्रा बोले– अभियान बना जनआंदोलन, जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष रहेगा जारी

नगवां (सोनभद्र)। रिपोर्ट: क्षितीश चतुर्वेदी, सब तक एक्सप्रेस।
नगवां ब्लॉक के सोमा ग्राम पंचायत में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में “पेड़ है तो प्राण है” अभियान के तहत सैकड़ों फलदार पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने पौधों की सुरक्षा और देखभाल परिवार के सदस्य की तरह करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि “पेड़ है तो प्राण है” अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर क्षेत्र के जल, जंगल, जमीन, पेड़, पानी और पहाड़ों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि 24 दिसंबर 2024 के शासनादेश की भावना के अनुरूप बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से एक कंपनी को लगभग 6,000 पेड़ काटने की अनुमति दी गई है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि पेड़ों की कटाई नहीं रोकी गई तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा पूरे जनपद में व्यापक जनआंदोलन करेगा।
ग्रामीण मुखलाल चेरो ने कहा कि क्षेत्र में कंपनी स्थापित होने से प्रदूषण बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपने जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हरसंभव संघर्ष करेंगे।
बिंदु खरवार ने कहा कि आदिवासी समाज का जीवन जंगल और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित है। यदि कंपनी लगाने का प्रयास किया गया तो ग्रामीण सोनभद्र से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
कार्यक्रम में राकेश यादव, मुखलाल चेरो, बिंदु खरवार, बासमती खरवार, हीरावती चेरो, आकाश चौहान, शत्रुघ्न, बीना, दिनेश चेरो, विजय चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



