आंध्र प्रदेश सूचना आयोग ने आरटीआई कार्यकर्ता पर ‘दुर्व्यवहार’ का आरोप लगाते हुए रिकॉर्ड जब्त करने का आदेश दिया

विशाखापट्नम, आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश सूचना आयोग ने प्रमुख अधिवक्ता पेरुमल जयचंद्र रेड्डी द्वारा दायर 39 अपीलों को खारिज कर दिया है। आयोग ने इस कदम के पीछे उनके द्वारा आरटीआई के दुरुपयोग, झुंझलाहट उत्पन्न करने वाली मुकदमाबाजी और सूचना मांगने वालों से पैसे लेने के आरोपों को मुख्य कारण बताया है।
सूचना आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पेरुमल जयचंद्र रेड्डी द्वारा लगातार की गई अवांछित अपीलों और शिकायतों ने आयोग के संसाधनों पर दबाव डाला है। उनके खिलाफ व्याप्त धन लेन-देन के आरोप भी जांच के दायरे में हैं, जिस कारण आयोग ने उनके रिकॉर्ड जब्त करने का आदेश दिया है।
आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, रेड्डी ने सूचना मांग में कई मामलों में गैरजरूरी और बार-बार अपील दायर कर सूचना प्रणाली का दुरुपयोग किया है। इससे न केवल संबंधित विभागों के कामकाज पर विपरीत प्रभाव पड़ा है, बल्कि आम जनता की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिह्न लग गया है।
सूचना आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार कानून के तहत उचित उपयोग तभी सफल होता है जब इसका उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना हो न कि लोगों को परेशान करना या व्यक्तिगत लाभ उठाना। इस संदर्भ में आयोग ने इस तरह के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आंध्र प्रदेश के नागरिकों के लिए यह निर्णय एक सकारात्मक संकेत है कि सरकारी संस्थान सूचना अधिकार कानून के दुरुपयोग के खिलाफ सख्ती से लड़ रहे हैं। साथ ही यह भी संदेश है कि सूचना प्राप्त करते समय व्यावसायिकता और सत्यनिष्ठा को बनाए रखना जरूरी है।
वहीं, पेरुमल जयचंद्र रेड्डी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हैं और इसे दुर्भावनापूर्ण प्रयास मानते हैं। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सूचना आयोग का यह कदम सूचना गोपनीयता और उचित प्रक्रिया के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आगे की जांच और कार्रवाई आयोग के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत की जाएगी।
इस घटना ने आंध्र प्रदेश में सूचना अधिकार कानून के समुचित अनुपालन और इसका दुरुपयोग रोकने की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है। जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से भी अपेक्षा की जा रही है कि वे इस कानून का सही उपयोग करें और जनता के हित में काम करें।



