‘झुमकेवाली’ लेकर आई है बेंगुलुरु में पहली मोहब्बत की खुशियों का जादू

बेंगलुरु, कर्नाटक – मुंबई की प्रतिष्ठित थिएटर कंपनी Haus of Bhaus द्वारा निर्मित क्वीयर रेट्रो रोमांस ‘झुमकेवाली’ इस सप्ताहांत बेंगलुरु में अपनी प्रस्तुति के साथ दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत हो रही है। यह नाटक पहली बार यहाँ दर्शकों के बीच अपनी जगह बना रहा है।
झुमकेवाली एक ऐसी कहानी है जो बीते युग की यादों और भावनाओं को जीवंत करती है, जिसमें पहली मोहब्बत की मासूमियत एवं उत्साह को खूबसूरती के साथ दिखाया गया है। मुंबई के Haus of Bhaus ने इसे एक विशेष थीम पर आधारित प्रस्तुत किया है, जो लिंगभेद और पहचान के सामाजिक विषयों को सम्मिलित करते हुए अपने दर्शकों को एक नया दृष्टिकोण प्रदान करता है।
इस नाटक की कहानी न केवल प्रेम के जादू को बयां करती है बल्कि समाज में मौजूद रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों को भी चुनौती देती है। इसकी पटकथा और निर्देशन का मकसद दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करना है।
स्थानीय कला प्रेमी और थिएटर के शौकीन इस मौके पर जुटे हैं ताकि वे इस अनूठे प्रयोग का हिस्सा बन सकें। बेंगलुरु जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर में इस प्रकार के क्वीयर थिएटर के प्रदर्शन से समाज में समावेशिता और समझदारी को बढ़ावा मिलेगा।
Haus of Bhaus के कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुति से नाटक को जीवन्तता प्रदान की है, जिससे दर्शक पूरी तरह जुड़ाव महसूस कर पाएंगे। प्रस्तुतिकरण में संगीत, कलाकारों की अभिव्यक्ति और मंच सजावट ने कहानी को और भी प्रभावशाली बनाया है।
यह प्रस्तुति उन लोगों के लिए खास है जो न केवल थिएटर के शौकीन हैं बल्कि सामाजिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा करना चाहते हैं। झुमकेवाली की प्रस्तुति स्थानीय थिएटर प्रेमियों के लिए नए विचार और संवेदनाओं का स्रोत बनने की उम्मीद रखती है।
इस नाटक का स्वागत व्यापक रूप से किया जा रहा है और इसे भविष्य में अन्य शहरों में भी प्रदर्शित करने की योजना बनाई जा रही है। ऐसे प्रयास संस्कृति को समृद्ध करने के साथ-साथ सामाजिक चेतना बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आशा की जाती है कि ‘झुमकेवाली’ बेंगलुरु के दर्शकों को न केवल मनोरंजन प्रदान करेगी बल्कि समाज में समावेशी और सहिष्णु दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में भी सफल रहेगी।



