BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर उठे सवाल तो वीवीएस लक्ष्मण ने किया बचाव, बोले- ‘खिलाड़ी कोई मशीन नहीं’

बेंगलुरु, कर्नाटक
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इसके प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने संस्था का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की चोट से उबरने की प्रक्रिया धीमी होने पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। लक्ष्मण ने कहा कि क्रिकेटर कोई मशीन नहीं हैं, जिनकी फिटनेस हर बार तय समयसीमा के अनुसार वापस आ जाए।
रविवार को लक्ष्मण ने खिलाड़ियों की चोट और उनकी रिकवरी से जुड़े मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी की चोट की प्रकृति अलग होती है और हर शरीर चोट के बाद अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है। इसलिए वापसी के लिए एक निश्चित समयसीमा तय करना हमेशा व्यावहारिक नहीं होता।
COE और टीम प्रबंधन में बेहतर तालमेल
वीवीएस लक्ष्मण ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और भारतीय टीम प्रबंधन के बीच समन्वय को लेकर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच बेहतरीन और निर्बाध तालमेल है।
उनके मुताबिक, खिलाड़ियों की चोट, पुनर्वास और फिटनेस को लेकर सेंटर और टीम प्रबंधन लगातार संपर्क में रहते हैं। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को जल्दबाजी में मैदान पर उतारना नहीं, बल्कि उन्हें पूरी तरह फिट बनाना है।
कई प्रमुख खिलाड़ी COE में
फिलहाल भारतीय क्रिकेट के कई प्रमुख खिलाड़ी अपनी-अपनी चोटों से उबरने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हैं। इनमें तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और हर्षित राणा, ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और वॉशिंगटन सुंदर तथा शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बी. साई सुदर्शन शामिल हैं।
इन खिलाड़ियों की फिटनेस पर टीम की नजर बनी हुई है। उनकी वापसी इस बात पर निर्भर करेगी कि वे अपनी चोट से कितनी अच्छी तरह उबरते हैं और पुनर्वास प्रक्रिया में कितना आगे बढ़ते हैं।
तय समयसीमा के बजाय पूरी फिटनेस जरूरी
लक्ष्मण के बयान का जोर इस बात पर है कि खिलाड़ियों की रिकवरी को केवल समय के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। चोट की गंभीरता और खिलाड़ी के शरीर की प्रतिक्रिया के आधार पर रिकवरी का समय बदल सकता है।
ऐसे में अगर कोई खिलाड़ी अनुमानित समय से अधिक समय लेता है तो इसका मतलब यह नहीं कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रक्रिया में कमी है। लक्ष्मण का कहना है कि खिलाड़ी को पूरी तरह फिट होने के बाद ही मैदान पर वापस भेजना अधिक महत्वपूर्ण है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भारतीय क्रिकेटरों की चोट प्रबंधन, पुनर्वास और फिटनेस से जुड़ी व्यवस्था का अहम हिस्सा है। लक्ष्मण ने संस्था की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच इसके काम और टीम प्रबंधन के साथ तालमेल का बचाव किया है।



