जून में दाम बढ़ने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की खपत में वृद्धि

नई दिल्ली, भारत
देश में मई माह में पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई लगातार बढ़ोतरी के बावजूद, जून में इन ईंधनों की खपत में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मई में पेट्रोल और डीजल के दामों में कुल ₹7.5 प्रति लीटर की वृद्धि चार किश्तों में की गई थी, लेकिन इसके विपरीत जून माह में इनका इस्तेमाल बढ़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि दामों में वृद्धि का असर उपभोक्ता व्यवहार पर पड़ता है, लेकिन कई उद्योगों में उत्पादन बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों की तीव्रता के कारण वाहनों की संख्या तथा ईंधन की मांग में इजाफा हुआ है। इसके अलावा, मानसून के शुरू होने से कुछ क्षेत्रों में कृषि गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिससे डीजल की मांग भी बढ़ी है।
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, जून में पेट्रोल की खपत लगभग 3.2% और डीजल की खपत में 4.5% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है, जो यह संकेत करता है कि उपभोक्ता महंगे दामों के बावजूद ईंधन की खपत से बचाव नहीं कर रहे हैं।
उद्योग अध्येताओं ने बताया कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बावजूद, माल ढुलाई, सार्वजनिक परिवहन, और व्यक्तिगत वाहन उपयोग में गिरावट नहीं आई है। इसका प्रमुख कारण देश की आर्थिक स्थिरता और बढ़ती मांग को कहा जा रहा है। हालांकि, सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि ईंधन की बढ़ती मांग के चलते आने वाले महीनों में कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, जिससे आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
निगरानी एजेंसियों ने सुझाव दिया है कि उपभोक्ताओं को ईंधन की बचत के उपाय अपनाने चाहिए और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर ध्यान देना चाहिए ताकि आने वाले समय में खर्चों में कमी लाई जा सके। इसके साथ ही, सार्वजनिक परिवहन को सुगम बनाने और ईंधन दक्ष तकनीकों को अपनाने की भी जरूरत पर बल दिया गया है।
सरकार और संबंधित विभाग लगातार इस स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए रणनीतियां विकसित कर रहे हैं। वहीं, उपभोक्ताओं के लिए भी आवश्यक है कि वे खर्चों पर नजर रखें और ईंधन के प्रति सजग बने रहें।



