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20 साल बाद भी कॉर्पोरेट कर्मचारियों का पसंदीदा है कैलाश खेर का ‘ओ सिकंदर’, हर लाइन देती है आगे बढ़ने की प्रेरणा

मुंबई, महाराष्ट्र:

बॉलीवुड में प्रेम, जुदाई और रिश्तों पर आधारित गीतों की भरमार है, लेकिन कॉर्पोरेट जीवन की चुनौतियों, संघर्ष और सफलता को दर्शाने वाले गाने बेहद कम बने हैं। इन्हीं चुनिंदा गीतों में शामिल है “ओ सिकंदर”, जिसे मशहूर गायक कैलाश खेर ने अपनी दमदार आवाज दी थी। वर्ष 2006 में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉर्पोरेट’ का यह गीत आज भी लाखों कॉर्पोरेट कर्मचारियों के बीच प्रेरणा का स्रोत माना जाता है।

निर्देशक मधुर भंडारकर की फिल्म ‘कॉर्पोरेट’ कॉर्पोरेट जगत की प्रतिस्पर्धा, महत्वाकांक्षा और संघर्ष पर आधारित थी। फिल्म के संगीतकार शमीर टंडन थे, जबकि “ओ सिकंदर” के बोल गीतकार संदीप नाथ ने लिखे थे। इस प्रेरणादायक गीत को कैलाश खेर और सपना मुखर्जी ने अपनी आवाज से खास पहचान दिलाई।

करीब दो दशक बाद भी यह गीत कॉर्पोरेट कर्मचारियों, मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स और युवाओं के बीच लोकप्रिय बना हुआ है। कठिन परिस्थितियों में हार न मानने, आत्मविश्वास बनाए रखने और लगातार आगे बढ़ने का संदेश देने के कारण यह गीत कई कॉर्पोरेट कार्यक्रमों, मोटिवेशनल सेमिनारों, लीडरशिप ट्रेनिंग और टीम-बिल्डिंग इवेंट्स में भी सुनाई देता है। इसकी ऊर्जावान धुन और कैलाश खेर की अलग पहचान वाली आवाज श्रोताओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

फिल्म भले ही कॉर्पोरेट दुनिया की चुनौतियों और नैतिक दुविधाओं को दिखाती हो, लेकिन “ओ सिकंदर” संघर्ष के बीच उम्मीद और सफलता का संदेश देता है। यही वजह है कि वर्षों बाद भी यह गीत नौकरीपेशा लोगों, स्टार्टअप उद्यमियों और युवा पेशेवरों की प्लेलिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए है।

संगीत समीक्षकों का मानना है कि प्रेरणादायक गीत समय के साथ पुराने नहीं पड़ते और “ओ सिकंदर” इसका बेहतरीन उदाहरण है। लगभग 20 साल बाद भी यह गाना नई पीढ़ी के कर्मचारियों को मेहनत, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश देता है। यही कारण है कि इसे हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार मोटिवेशनल गीतों में गिना जाता है।

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