
वरिष्ठ संवाददाता: राम अनुज धर द्विवेदी
सब तक एक्सप्रेस, सोनभद्र
सोनभद्र। पवित्र सावन मास में प्रकृति, सृष्टि, संस्कार और पंचतत्व के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर गुप्तकाशी दर्शन यात्रा का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के संयोजन में सोन-रेणुका त्रिवेणी संगम पर स्थित सोमनाथ महादेव का रुद्राभिषेक एवं पूजन कर यात्रा को रवाना किया गया।
ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि पिछले 12 वर्षों से यह यात्रा निरंतर आयोजित की जा रही है। यात्रा के दौरान मानव सृष्टि और सभ्यता के विकास से जुड़े विभिन्न प्राचीन धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों का भ्रमण किया जाएगा। इनमें भूतेश्वर दरबार, अमर गुफा, मंगलेश्वर नाथ, मत्स्येंद्र नाथ, शिवद्वार, गिरिजाशंकर, गौरी-शंकर, बरैला महादेव, मार्कंडेय तपोवन मारकुंडी और पंचमुखी महादेव सहित नगर ऊंटारी स्थित वंशीधर मंदिर प्रमुख हैं।
यात्रा के दौरान कुल 51 देवस्थलों और ऋषियों की साधना स्थलियों का भ्रमण करते हुए करीब 751 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। यात्रा का समापन बाबा काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक एवं पूजन के साथ होगा। इस दौरान गुप्तकाशी क्षेत्र की ऋषियों की तपस्थलियों पर स्थित पवित्र जलस्रोतों से जल एकत्र कर बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया जाएगा।
यात्रा में आंध्र प्रदेश के गुरुकुल से निकले संत नागमलय महादेश्वर मुनि, विजयगढ़ राजगुरु पीठ के स्वामी ध्यानानंद गिरि और गुप्त नाथ धाम की साधक-आराधक साध्वी नीलम नाथ सहित विभिन्न मत-पंथों के संतों का सानिध्य मिल रहा है।
यात्रा को विदा करने के अवसर पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि संजीव त्रिपाठी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राबर्ट्सगंज रमेश मिश्रा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख नगमा प्रवीण सिंह, विजयगढ़ राजगुरु पीठ के महंत अशोक गोस्वामी समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने यात्रा के उद्देश्य की सराहना करते हुए सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।



