मिड-डे-मील में फर्जी संख्या पर लगेगा अंकुश, स्कूल रजिस्टर से लेकर एमआईएस तक होगा हाजिरी का मिलान

**मेरठ, उत्तर प्रदेश।**
सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत विद्यार्थियों की संख्या में होने वाली गड़बड़ी और फर्जीवाड़े पर अब डिजिटल निगरानी रखी जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने पीएम पोषण योजना को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए बच्चों की दैनिक उपस्थिति का तीन स्तरों पर रिकॉर्ड तैयार करने और उसका नियमित मिलान करने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की हाजिरी स्कूल रजिस्टर, पीएम पोषण ऐप और एमआईएस पोर्टल पर दर्ज होगी। तीनों जगह दर्ज आंकड़ों में अंतर मिलने पर इसकी जांच की जाएगी। गंभीर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के मुखिया की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
### स्कूल स्तर पर शुरू होगी पूरी प्रक्रिया
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कक्षा के अध्यापक प्रतिदिन विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करेंगे। इसके बाद उस दिन उपस्थित बच्चों की संख्या मिड-डे-मील इंचार्ज को दी जाएगी। कक्षा अध्यापकों के हस्ताक्षर के बाद मिड-डे-मील इंचार्ज रजिस्टर में उपस्थित विद्यार्थियों की कुल संख्या दर्ज करेगा।
इसके बाद रजिस्टर पर विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर कराए जाएंगे। विद्यालय स्तर पर तैयार किए गए इसी रिकॉर्ड के आधार पर पीएम पोषण ऐप पर विद्यार्थियों की उपस्थिति अपडेट की जाएगी। साथ ही एमआईएस पोर्टल पर प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
### एक दिन की हाजिरी, तीन जगह दर्ज होगा रिकॉर्ड
विभाग की इस व्यवस्था से विद्यार्थियों की उपस्थिति का तीन स्तरों पर रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। स्कूल रजिस्टर में दर्ज कुल संख्या, पीएम पोषण ऐप पर अपडेट संख्या और एमआईएस पोर्टल पर व्यक्तिगत उपस्थिति का मिलान किया जाएगा।
इससे यह पता लगाना आसान होगा कि मिड-डे-मील के लिए दर्ज बच्चों की संख्या वास्तव में स्कूल में उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप है या नहीं। रिकॉर्ड में किसी प्रकार का अंतर मिलने पर अधिकारी संबंधित स्कूल से जानकारी लेकर जांच कर सकेंगे।
### बीईओ और डिप्टी डीईओ करेंगे रोजाना जांच
मिड-डे-मील व्यवस्था की निगरानी के लिए बीईओ को अपने ब्लॉक में प्रतिदिन रैंडम आधार पर कम से कम पांच स्कूलों का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्कूलों के हाजिरी रजिस्टर की प्रतियां मंगवाकर उपस्थिति संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
इसी प्रकार डिप्टी डीईओ भी प्रतिदिन पांच स्कूलों के रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे। जांच के दौरान स्कूल रजिस्टर और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज उपस्थिति का मिलान किया जाएगा। जांच के लिए भेजी जाने वाली रजिस्टर की प्रतियों पर विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।
### विभागीय स्तर पर होगा नियमित डिजिटल रिव्यू
पीएम पोषण ऐप पर प्रतिदिन अपडेट होने वाली विद्यार्थियों की उपस्थिति का विभागीय स्तर पर भी नियमित रिव्यू किया जाएगा। स्कूल रजिस्टर, ऐप और एमआईएस पोर्टल में दर्ज संख्या अलग-अलग पाए जाने पर गड़बड़ी के कारणों की जांच की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मिड-डे-मील योजना के लाभार्थियों की वास्तविक संख्या सुनिश्चित करना है। तीन स्तरों पर रिकॉर्ड उपलब्ध होने से गलत संख्या दर्ज करने, अनुपस्थित बच्चों को उपस्थित दिखाने या संख्या में अन्य प्रकार की गड़बड़ी करने की संभावना कम होगी।
जिला कोर्डिनेटर मिड-डे-मील दिनेश सहरावत ने कहा कि विभाग मिड-डे-मील में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। विद्यार्थियों की दैनिक हाजिरी की तीन स्तरों पर निगरानी से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने और गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।



