Teachers Day Special: 72 साल पुराना है ये खास गाना, आज भी शिक्षक दिवस पर स्कूलों में गूंजती है इसकी धुन

नई दिल्ली, भारत: 5 सितंबर को पूरे देश में शिक्षक दिवस उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में छात्र अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं। कहीं विद्यार्थी अपने पसंदीदा शिक्षक को उपहार देते हैं, तो कहीं भाषण, कविता, नृत्य और संगीत के माध्यम से उनका सम्मान किया जाता है। शिक्षक दिवस के कार्यक्रमों में बॉलीवुड के पुराने और यादगार गीतों की भी खास जगह होती है।
शिक्षक दिवस पर जरूर सुनाई देता है ये गाना
शिक्षकों के सम्मान और उनके योगदान को समर्पित कई फिल्मी गीत हिंदी सिनेमा में बनाए गए हैं। इनमें से कुछ गाने ऐसे हैं, जो दशकों बीत जाने के बाद भी लोगों की यादों में कायम हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूलों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्र ऐसे गीतों पर प्रस्तुति देते हैं और शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं।
ऐसा ही एक गीत करीब 72 साल पुराना है, लेकिन समय के साथ इसकी लोकप्रियता कम नहीं हुई। आज भी शिक्षक दिवस के मौके पर इस गीत को याद किया जाता है और कई जगहों पर विद्यार्थी इसे अपने शिक्षकों के सम्मान में गाते या इस पर प्रस्तुति देते नजर आते हैं।
72 साल बाद भी कायम है लोकप्रियता
1950 के दशक में रिलीज हुआ यह गीत उस दौर के हिंदी सिनेमा की खास पहचान माना जाता है। उस समय फिल्मों के गीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं थे, बल्कि उनमें रिश्तों, संस्कारों और जीवन के मूल्यों को भी बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया जाता था।
यही वजह है कि पुराने दौर के कई गीत आज की पीढ़ी तक पहुंच पाए हैं। शिक्षक दिवस पर भी इन गीतों का इस्तेमाल विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव दिखाने के लिए किया जाता है।
स्कूलों में होती हैं खास प्रस्तुतियां
5 सितंबर को स्कूलों में शिक्षक दिवस के कार्यक्रम के दौरान छात्र अपने शिक्षकों के लिए अलग-अलग प्रस्तुतियां तैयार करते हैं। कुछ विद्यार्थी शिक्षक की भूमिका निभाते हैं, जबकि कुछ उनके लिए भाषण और कविताएं प्रस्तुत करते हैं। संगीत और नृत्य कार्यक्रम भी समारोह का अहम हिस्सा होते हैं।
ऐसे में पुराने हिंदी फिल्मी गीतों की धुन माहौल को और खास बना देती है। यही कारण है कि 72 साल पुराना यह गीत आज भी शिक्षक दिवस की यादों और समारोहों से जुड़ा हुआ है।
शिक्षक दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने का अवसर भी है। शायद यही वजह है कि इतने वर्षों बाद भी शिक्षक और शिष्य के रिश्ते को समर्पित पुराने गीत आज की पीढ़ी के बीच अपनी जगह बनाए हुए हैं।



