TATA Sons के चेयरमैन पद के लिए आशीष चौहान का नाम? NSE ने किया खंडन, कहा- IPO पर है पूरा ध्यान

नई दिल्ली, दिल्ली
टाटा संस के अगले चेयरमैन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने MD और CEO आशीषकुमार चौहान को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों पर आधिकारिक सफाई दी है। NSE ने कहा है कि ऐसी खबरों में कोई तथ्य नहीं है और एक्सचेंज के पास चौहान की टाटा संस के चेयरमैन पद के लिए कथित उम्मीदवारी से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है।
NSE ने रविवार, 6 सितंबर को SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशंस के रेगुलेशन 30 के तहत नियामकीय फाइलिंग में यह जानकारी दी। एक्सचेंज का यह बयान उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें टाटा संस के उत्तराधिकारी को लेकर संभावित नामों की चर्चा की गई थी।
5 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्ट में टाटा संस के चेयरमैन पद के लिए कई संभावित नामों का जिक्र किया गया था। इसमें आशीष चौहान को भी ‘डार्क हॉर्स’ यानी अप्रत्याशित दावेदार बताया गया था। रिपोर्ट सामने आने के बाद NSE की रेगुलेटरी और कंप्लायंस टीम ने चौहान से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा।
चौहान ने इन खबरों को साफ तौर पर खारिज किया। NSE अधिकारियों को भेजे गए ईमेल में उन्होंने कहा कि इन खबरों में की जा रही अटकलें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका ध्यान NSE में बतौर MD और CEO अपनी जिम्मेदारियों पर है।
विशेष रूप से चौहान ने NSE के आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO और उसकी लिस्टिंग प्रक्रिया को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह NSE की सफल लिस्टिंग और उससे जुड़े अन्य लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बोर्ड तथा शेयरधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
NSE ने अपने हितधारकों से भी कहा कि वे चौहान की कथित उम्मीदवारी से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों या बाजार की अफवाहों पर भरोसा न करें। एक्सचेंज ने स्पष्ट किया कि वह SEBI LODR नियमों के तहत आवश्यक खुलासे करता रहा है और भविष्य में भी नियामकीय आवश्यकताओं का पालन करेगा।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब NSE अपने IPO और प्रस्तावित लिस्टिंग की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण चरण में है। ऐसे में कंपनी के शीर्ष अधिकारी को किसी दूसरे बड़े पद से जोड़ने वाली खबरों पर स्थिति स्पष्ट करना जरूरी माना गया।
फिलहाल NSE और चौहान दोनों की ओर से यही संकेत दिया गया है कि उनका ध्यान एक्सचेंज की मौजूदा जिम्मेदारियों, आगामी IPO और सफल लिस्टिंग की तैयारियों पर केंद्रित है।



