US-Iran Tension: अमेरिकी कार्रवाई पर भड़का ईरान, फारस की खाड़ी में जहाजों और टैंकरों पर हमले का दावा

तेहरान, ईरान
तेहरान। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की ओर से जवाबी हमले किए जाने की खबर है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने फारस की खाड़ी में कई जहाजों और तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इनमें अमेरिकी जहाज भी शामिल होने का दावा किया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब बुधवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट किए जाने की खबर सामने आई थी। इसके बाद तेहरान की ओर से जवाबी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
फारस की खाड़ी में कई जहाजों को बनाया निशाना
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने फारस की खाड़ी में करीब 10 जहाजों को निशाना बनाया। इनमें दो अमेरिकी जहाज शामिल होने का दावा किया गया है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भी करीब 10 अन्य जहाजों पर हमले की बात सामने आई है।
फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल हैं। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव बढ़ने से तेल की आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
हालांकि, हमलों से हुए नुकसान और जहाजों की वास्तविक स्थिति को लेकर अभी स्वतंत्र रूप से पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। ईरानी मीडिया के दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी बाकी है।
जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला
ईरान की ओर से जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर मिसाइलें दागे जाने की भी खबर है। जॉर्डन के अनुसार, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने दागी गई 20 मिसाइलों में से 18 को रोक लिया।
जॉर्डन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जिससे संभावित नुकसान को कम किया जा सका। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
ईरान पहले ही दे चुका था चेतावनी
मौजूदा तनाव के बीच ईरान पहले ही अपनी सैन्य क्षमता और संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर चेतावनी दे चुका था। सोमवार को ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया था कि देश की नई कासिम बशीर बैलिस्टिक मिसाइल ईरान की सैन्य नीति में बदलाव का संकेत है।
ईरान ने यह भी चेतावनी दी थी कि किसी भी खतरे के खिलाफ वह कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। अमेरिकी कार्रवाई के बाद अब सामने आए कथित जवाबी हमलों को इसी व्यापक तनाव की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
फारस की खाड़ी में जहाजों और तेल टैंकरों पर हमले की खबरों के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव आगे बढ़ता है, तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहने की आशंका है। खासकर वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।



