अंतरराष्ट्रीय

होर्मुज के बाद बाब-अल-मंदेब भी संकट में, हूतियों ने मोखा और पेरिम पर बढ़ाया नियंत्रण

सना, यमन

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की हालिया सैन्य बढ़त ने पश्चिम एशिया के समुद्री व्यापार को नई चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है। हूतियों ने लाल सागर के तट पर स्थित रणनीतिक शहर मोखा पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद पेरिम यानी मयून द्वीप पर भी उनके नियंत्रण की पुष्टि से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

मोखा पर कब्जा हूतियों की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वे यमन के पश्चिमी तट पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। चार यमनी सरकारी सैन्य सूत्रों ने मोखा पर हूतियों के कब्जे की जानकारी दी थी। यह शहर बाब-अल-मंदेब से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। इसके बाद हूती लड़ाके हनिश द्वीप समूह की दिशा में भी आगे बढ़े।

अब पेरिम द्वीप पर नियंत्रण ने उनकी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत कर दिया है। पेरिम बाब-अल-मंदेब के सबसे संकरे हिस्से में स्थित है और जलडमरूमध्य के बीच होने के कारण यहां से गुजरने वाले समुद्री मार्ग पर नजर रखना आसान होता है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकारी बलों के पीछे हटने के बाद हूती लड़ाके नौकाओं के जरिए द्वीप तक पहुंचे।

बाब-अल-मंदेब को दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। स्वेज नहर के रास्ते एशिया और यूरोप के बीच होने वाले व्यापार के लिए इसकी अहम भूमिका है। तेल, ईंधन और अन्य वस्तुओं की बड़ी मात्रा इसी समुद्री गलियारे से होकर गुजरती है।

इस समय स्थिति इसलिए और संवेदनशील है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में भी ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर दबाव बना हुआ है। सऊदी अरब ने होर्मुज के संकट के बीच लाल सागर के रास्ते अपने तेल निर्यात को जारी रखने की कोशिश की है। लेकिन बाब-अल-मंदेब पर हूतियों की बढ़ती पकड़ इस वैकल्पिक मार्ग को भी जोखिम में डाल सकती है।

वैश्विक बाजार पहले ही क्षेत्रीय तनाव का असर महसूस कर रहे हैं। तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर बीमा तथा परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है।

यमन में संघर्ष के फिर से व्यापक रूप लेने का खतरा भी बढ़ गया है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुआ संघर्षविराम बड़े पैमाने की लड़ाई को रोकने में सफल रहा था, लेकिन मौजूदा सैन्य घटनाक्रम ने उस व्यवस्था को फिर चुनौती दे दी है।

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