
पुणे। संवाददाता स्नेहा उत्तम मडावी
आदिवासी समाज की जानी-मानी समाजसेविका शेवराबाई ज्ञानदेव भोसले को इस वर्ष का ‘आदर्श माता पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान की घोषणा शेवराई सामाजिक संस्था तथा अखिल भारतीय आदिम महासंघ – महाराष्ट्र राज्य इकाई द्वारा की गई है।
यह पुरस्कार उन्हें 73वें स्वतंत्रता आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय आदिवासी पारधी न्याय हक समरसता सम्मेलन में प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम 31 अगस्त 2025 को दोपहर 12 बजे पुणे जिले के भिगवण (मलिकनाथ मठ, दौंड) में आयोजित होगा।
इस अवसर पर राज्य के कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, जिनमें उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, आदिवासी मंत्री अशोक उइके, खाद्य एवं औषधि मंत्री नरहरी झिरवल शामिल होंगे। इसके साथ ही पद्मश्री भीकू विधाते, पद्मश्री गिरीश प्रभुणे, राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपसंगभाई भरभीडिया, राष्ट्रीय महासचिव बबन गोरामन, विधायक राहुल दादा कुल, विधायक मौली आबा कटके, आदिवासी साहित्यकार भास्कर भोसले तथा अन्य विशिष्ट अतिथि भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
सम्मेलन के दौरान आदिवासी समाज के अधिकार, न्याय और समानता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन पारधी और अन्य आदिवासी समुदायों की समस्याओं को राज्य स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का एक सशक्त मंच साबित होगा।
इस आयोजन को जन सहारा वंचित विकास संस्था, लोकतांत्रिक पत्रकार संघ – आदिवासी, पत्रकार सुनिल ज्ञानदेव भोसले, सोशल मीडिया प्रचारक रोहित भोसले प्रभाग तथा अन्य सामाजिक संगठनों का सहयोग प्राप्त है।
—सब तक एक्सप्रेस