
राजाखेड़ा, धौलपुर।
हुनर शक्ति फाउंडेशन द्वारा आयोजित “हुनर से आत्मनिर्भर एवं रोज़गार संकल्प कार्यक्रम” शुक्रवार को राजाखेड़ा में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य अकुशल श्रमिकों को कुशल बनाकर छोटे-छोटे उद्योगों से रोजगार के नए अवसर सृजित करना और ग्रामीणों की आजीविका को सशक्त बनाना रहा।
संस्था प्रमुख प्रशांत शर्मा ने बताया कि हर वर्ष 30 अगस्त को लघु उद्योग दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य छोटे उद्योगों, कुटीर उद्योगों और स्व-रोजगार को बढ़ावा देना तथा इनके महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मोमबत्ती, दिया-बत्ती, अगरबत्ती, अचार, मिट्टी के बर्तन, चॉक आदि लघु उद्योगों में बड़े पूंजी निवेश की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन रोजगार सृजन में इनकी भूमिका सबसे अहम है।
संस्था सचिव नीरज झा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योगों के माध्यम से आजीविका बढ़ती है और पलायन की समस्या कम होती है। ये उद्योग पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय संसाधनों को बढ़ावा देकर भारत की सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी योजनाओं ने लघु उद्योगों को नई दिशा और ऊर्जा दी है। यदि इन्हें उचित प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराई जाए, तो ये न केवल बेरोजगारी दूर करेंगे बल्कि भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने में भी सहायक होंगे।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि स्थानीय उद्योगों को अपनाकर और स्वदेशी वस्तुओं का निर्माण व उपभोग करके ही देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है।
इस अवसर पर संस्था के जिला अध्यक्ष राधेश्याम तोमर, ग्रामीण प्रभार मंत्री रामहरि प्रजापति, मीडिया प्रभारी कुश राठौर, तालेश्वर धाम के मठाधीश बाबा मुरली भारती, रामनाथ सिंह, गुरनाम सिंह, विजेंद्र सिंह, रामनिवास, ज्ञान सिंह, रामब्रज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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