
✍️ सब तक एक्सप्रेस ब्यूरो
उदयपुर। झाड़ोल उपखंड के ओंगना स्थित लवीना विकास सेवा संस्थान को अब तक सरकार की ओर से बकाया अनुदान नहीं मिल पाया है। यह वही संस्थान है जिसने सम्पूर्ण भारत में बीटी कॉटन से प्रभावित निराश्रितों के लिए राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में याचिका दायर कर विजय प्राप्त की थी।
संस्थान का कहना है कि अदालत के आदेश और कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्यवाही के बावजूद उन्हें 21 सितंबर 2017 से 31 मार्च 2021 तक की अवधि का अनुदान ₹92,74,527/- आज तक प्राप्त नहीं हुआ है।
इतना ही नहीं, वर्तमान में संचालित ओपन शेल्टर होम का अनुदान भी 1 जनवरी 2024 से अब तक बकाया चल रहा है। फिलहाल शेल्टर होम में डे-केयर के 25 बच्चे नियमित आ रहे हैं, लेकिन अनुदान न मिलने से संस्थान कठिनाई का सामना कर रहा है।
संस्थान निदेशक भरत कुमार पूर्बिया ने कहा कि वे बच्चों की सेवा किसी भी हाल में जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यह झाड़ोल क्षेत्र का एकमात्र शेल्टर होम है, इसके बावजूद अनुदान न मिलना बेहद हैरान करने वाली बात है।