
उदयपुर, संवाददाता कपिलदेव आमेटा।
मेवाड़ के महान योग साधक स्वामी हरिहरानंद महाराज के जीवन एवं आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित पुस्तक “मेवाड़ के योग साधक स्वामी हरिहरानंद जी महाराज” का विमोचन रविवार को माउन्ट व्यू स्कूल सभागार, नाकोड़ा नगर, प्रतापनगर में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी हरिशरणानंद महाराज ने की। उन्होंने कहा कि स्वामी हरिहरानंद जी का जीवन ज्ञान और वैराग्य का प्रतीक है तथा बिना गुरु के ज्ञान प्राप्त करना संभव नहीं है। मुख्य अतिथि पुष्करलाल आमेटा ने कहा कि शब्द ही ब्रह्म हैं और नाद की शक्ति हमें आत्मा से ब्रह्म तक ले जाती है।
पुस्तक प्रकाशक चंद्रशेखर आमेटा ने सभी आगन्तुकों का स्वागत करते हुए प्रकाशन सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संपादक कपिलदेव आमेटा ने कहा कि यह पुस्तक केवल पृष्ठों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परंपरा की पुनर्स्थापना और विचारों की ज्योति है, जो उत्तरकाशी से पुष्पित होकर पूरे मेवाड़ को आलोकित कर रही है।
समारोह की शुरुआत रामकाज संस्थान डबोक के महंत अनुज महाराज द्वारा संगीतमय सुंदरकांड प्रस्तुति से हुई, जिसने पूरे पांडाल को राममय बना दिया। कार्यक्रम में हरीश नरसावत ने कहा कि यह पुस्तक ज्ञान की गंगा है, जो समाज में भक्ति भाव को अक्षुण्ण बनाए रखेगी।
इस अवसर पर गजानन आमेटा, राजेश आमेटा, गिरीश आमेटा, गोपाल आमेटा, भूपेश आमेटा, भज्जाराम, ठाकुर विजेंद्र सिंह लक्ष्मणपुरा, रमेश आमेटा, प्रकाश आमेटा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह का संचालन गजेन्द्र शर्मा ने किया।
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