
सब तक एक्सप्रेस ब्यूरो
धौलपुर/जयपुर। 4 से 7 सितंबर तक जयपुर में आयोजित होने वाले गौ महाकुंभ 2025 में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रोफेसर, वैज्ञानिक एवं आरोग्यम (यूके) के निदेशक डॉ. डी.पी. शर्मा विशेष रूप से शामिल होंगे। इस संबंध में गौ महाकुंभ के अध्यक्ष डॉ. लाल सिंह एवं मुख्य सलाहकार डॉ. पीएम भारद्वाज ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी की।
डॉ. शर्मा वर्तमान में डिजिटल डिप्लोमेसी के इंटरनेशनल साइंटिफिक एडवाइजर और यूनाइटेड नेशन्स के अंतरराष्ट्रीय परामर्शक हैं। वे स्वच्छ भारत मिशन के प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि एक समय गौधन को दुनिया की सबसे प्राचीन “धन मुद्रा” माना जाता था, और आज जरूरत है कि इसे नए स्वरूप में पुनः स्थापित किया जाए।
संवाद के दौरान डॉ. शर्मा ने कहा कि गौ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंचों, विश्वविद्यालयों और प्रयोगशालाओं तक पहुंचाना उनका उद्देश्य है। इसके लिए वे गौ महाकुंभ के बाद ग्लोबल आउटब्रीच नेटवर्क के जरिए विशेष अभियान चलाएंगे। वे ग्रीन कंप्यूटिंग, ग्रीन कम्युनिकेशन और ग्रीन कोलैबोरेशन के लिए भी विश्व स्तर पर जाने जाते हैं।
डॉ. लाल सिंह ने बताया कि गौ महाकुंभ में गोबर और गोमूत्र के वैज्ञानिक विश्लेषण पर विशेष सत्र आयोजित होंगे, जिसमें किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। वहीं, डॉ. पीएम भारद्वाज ने कहा कि गौगव्य उत्पाद उद्योगों को शैक्षणिक संस्थाओं और शोध केंद्रों से जोड़ा जाएगा, जिससे गौ उत्पाद उद्योग को वैज्ञानिक प्रमाणिकता और नई दिशा मिलेगी।