
सब तक एक्सप्रेस ब्यूरो, उदयपुर
उदयपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शंकरलाल बामनिया को अंततः उदयपुर जिले का पूर्ण प्रभार मिल गया है। हाई कोर्ट की डिविजन बेंच के आदेश के बाद सरकार ने शनिवार को उन्हें आहरण एवं वितरण अधिकारी (डी.डी.ओ.) पावर भी जारी कर दिए हैं। अब विभागीय कार्यों का संपादन वे स्वयं करेंगे।
गौरतलब है कि विभाग द्वारा जनवरी 2025 में जारी तबादला आदेशों के तहत डॉ. बामनिया को झूठी शिकायतों के आधार पर प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में उप नियंत्रक पद पर डिमोट कर दिया गया था। इस आदेश के विरुद्ध उन्होंने हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। एकलपीठ ने याचिका खारिज कर दी, लेकिन डॉ. बामनिया ने विशेष अपील दायर की, जिस पर 9 अप्रैल 2025 को खंडपीठ ने उन्हें राहत देते हुए उदयपुर सीएमएचओ पद पर पूर्ववत कार्यभार संभालने के आदेश दिए थे।
निर्णय के बाद 11 अप्रैल को उन्होंने कार्यभार तो संभाल लिया, लेकिन पिछले पाँच माह तक उन्हें डी.डी.ओ. पावर नहीं दिए गए और यह जिम्मेदारी प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. अशोक आदित्य को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई थी।
इस पर डॉ. बामनिया ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई 1 सितंबर 2025 को प्रस्तावित थी। सुनवाई से पहले ही निदेशक (जन स्वास्थ्य) ने आदेश जारी कर डॉ. बामनिया को वित्तीय अधिकार प्रदान कर दिए।
इस प्रकरण में खंडपीठ ने स्पष्ट कहा था कि डॉ. बामनिया का ट्रांसफर दंडात्मक था और यह संशोधित कैडर नियम 2012 के तहत उचित नहीं है। शिकायतकर्ताओं की शिकायतें भी विभागीय जांच में असत्य पाई गईं।
अब आदेशों की अनुपालना के बाद डॉ. बामनिया उदयपुर जिले के सीएमएचओ के रूप में पूर्ववत सभी कार्य करेंगे।
सब तक एक्सप्रेस ब्यूरो, उदयपुर