किसान–मज़दूर मेले का भव्य उद्घाटन, ग्रामीण संस्कृति और जुड़ाव का हुआ संगम

सब तक एक्सप्रेस न्यूज
सीतापुर से शैलेन्द्र यादव की रिपोर्ट
सीतापुर। मेहनतकश किसानों और मजदूरों की भागीदारी से आयोजित तीन दिवसीय किसान–मज़दूर मेला आज पारंपरिक रस्मों के साथ शुभारंभ हुआ। संगतिन द्वारा आयोजित इस मेले में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
मेले की शुरुआत किसानों ने सात प्रकार के देशी अनाज को एक साथ मिलाकर मिली-जुली खेती – जगत हितैषी का संदेश देते हुए की। इसके साथ ग्रामीण जीवन, संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाते विविध स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
देशी अनाज से बने खाद्य पदार्थ, चाक और मिट्टी के खिलौने, हस्तशिल्प सामग्री तथा विरासत से जुड़े प्रदर्शनी स्टॉलों पर लोगों की विशेष भीड़ देखी गई।

स्वास्थ्य सेवाओं में आँख अस्पताल की टीम ने 86 लोगों की नेत्र जांच की, जबकि जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बीपी और शुगर परीक्षण किया।
डॉ. वसुंधरा द्वारा डेंगू से बचाव पर उपयोगी चर्चा ने लोगों को जागरूक किया।
सांस्कृतिक मंच पर नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और जन-जागरूकता कार्यक्रमों ने माहौल को जीवंत बनाए रखा। वहीं उर्दू अकादमी द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति और उसके बाद आयोजित कवि सम्मेलन में सीतापुर के कवियों ने मनमोहक कविता पाठ कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में रामदेवी, रामबेटी, लज्जावती, जसना, सरोजनी, पुष्पा, मंजू देवी, मंजू पाल, राजाराम, सुधीर, रामसागर, जगन्नाथ, प्रकाश, रामकुमार, राजाराम अर्थापुर, सुधा, ऋचा, डॉ. वसुंधरा, पिंटू, सुरबाला सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मेले के अगले दो दिनों में भी विविध सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



