महादेव मंदिर में शिव परिवार की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की घटना से विवाद गहराया, हिंदू संगठनों ने कड़ा रोष व्यक्त किया।

🛕 शिव परिवार की मूर्तियां खंडित, माहौल गर्मा गया
राजस्थान के कोटा जिले में स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर में रविवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र में तनाव का वातावरण बना दिया। मंदिर में शिव परिवार की मूर्तियों को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा खंडित करने की घटना ने लोगों के धार्मिक भावनाओं को आहत किया। जैसे ही घटना की जानकारी स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों को मिली, वहाँ भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
🚨 घटना की शुरुआत कैसे हुई?
सुबह जब मंदिर के पुजारी पूजा करने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि शिव परिवार की प्रतिमाएं खंडित अवस्था में पड़ी हैं। यह दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद थोड़ी ही देर में मंदिर परिसर में भीड़ जमा हो गई। लोगों ने इस घटना को धार्मिक आस्था पर हमला बताते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
🪧 हिंदू संगठनों का प्रदर्शन और रास्ता जाम
मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की खबर फैलते ही हिंदू संगठनों से जुड़े कई कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी और मुख्य सड़क पर धरना देकर रास्ता जाम कर दिया। कुछ समय बाद बाजारों को भी बंद करवाया गया, जिसके कारण स्थानीय व्यापार पर भी असर पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच हल्की झड़प की स्थिति भी बनी।
👮 पुलिस की कार्रवाई और आश्वासन
सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने का प्रयास किया और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। काफी प्रयासों के बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि आरोपितों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन लोगों में अभी भी आक्रोश बना हुआ है।
📂 मामला दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि यदि यह घटना पूर्व नियोजित साजिश के तहत हुई है, तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
🧘 धार्मिक आस्था और कानून व्यवस्था पर बहस
इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और धार्मिक सौहार्द के मुद्दे को सामने ला दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि मंदिर जैसे संवेदनशील स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे। वहीं कुछ संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि समाज की एकता और शांति के लिए भी खतरा हैं।
🤝 प्रशासन की अपील – शांति बनाए रखें
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषी चाहे जो भी हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मंदिर परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
✍ निष्कर्ष
कोटा के पिपलेश्वर महादेव मंदिर में शिव परिवार की मूर्तियों को तोड़ने की घटना ने क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। हालांकि पुलिस और प्रशासन मामले को सुलझाने और दोषियों को पकड़ने के लिए सक्रिय हैं, लेकिन इस घटना ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर्याप्त है, और क्या ऐसे मामलों में कठोर कानून जरूरी है?



