राजस्थान

गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां जिसने चाहा आकर बस जाए, यहां रहने के लिए नियम और मर्यादाएं हैं।

भारत धर्मशाला नहीं – कटारिया का स्पष्ट संदेश

उदयपुर में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के दौरान पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और पहचान की व्यवस्थाएं देश के हितों की रक्षा के लिए जरूरी हैं। भारत को धर्मशाला बनाकर कोई भी यहां आकर नहीं रह सकता।

पहचान सुनिश्चित करना जरूरी

कटारिया ने कहा कि एसआईआर के माध्यम से यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि देश में कौन भारतीय नागरिक है और कौन वर्षों से अवैध रूप से यहां रह रहा है। यह प्रक्रिया संसाधनों की रक्षा करती है और नागरिकों के अधिकारों को मजबूती देती है।

भारत सम्मान और नागरिक जिम्मेदारी वाला देश

उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक यहां पूरी गरिमा और अधिकारों के साथ रहेंगे, लेकिन जो विदेशी अवैध रूप से यहां रह रहे हैं, उन्हें वापस जाना होगा। भारत अतिथि सत्कार का देश है, लेकिन धर्मशाला नहीं।

खेल युवाओं का भविष्य बनाते हैं

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि खेल व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। खेल आत्मविश्वास, टीम भावना और अनुशासन को विकसित करते हैं।

खेलो इंडिया गेम्स – प्रतिभा का मंच

कटारिया ने कहा कि ऐसे आयोजन भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करते हैं। यह मंच युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहा है।

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