चीन के आगे नहीं झुके भारत और अमेरिका, बीजिंग में कर ली क्वाड देशों की मीटिंग

क्वाड देशों (अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान) के राजदूतों ने बीजिंग में अमेरिकी दूतावास में एक दुर्लभ सार्वजनिक बैठक की। अमेरिकी राजदूत डेविड पड्र्यू ने क्वाड संबंधों को स्थिर और मजबूत बताया। भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत भी शामिल हुए। क्वाड का मुखर आलोचक रहे चीन ने इस बैठक पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जो इसे महत्वपूर्ण बनाता है। यह बैठक स्वतंत्र हिंद-प्रशांत के लिए क्वाड की भूमिका दर्शाती है।
HighLights
- बीजिंग में क्वाड देशों के राजदूतों की दुर्लभ बैठक।
- अमेरिकी दूतावास में हुई मुलाकात में भारतीय राजदूत शामिल।
- क्वाड का आलोचक चीन इस बैठक पर रहा मौन।
अमेरिका, भारत, आस्ट्रेलिया और जापान, इन क्वाड देशों के राजदूतों ने ‘एक गैर क्वाड देश’ चीन में एक दुर्लभ सार्वजनिक बैठक आयोजित की।
बीजिंग में अमेरिकी दूतावास में हुई बैठक के बाद अमेरिकी राजदूत डेविड पड्र्यू ने कहा कि चार सदस्य देशों अमेरिका, आस्ट्रेलिया, भारत और जापान के बीच संबंध स्थिर और मजबूत बने हुए हैं।
बीजिंग में क्वाड देशों की मीटिंग
बीजिंग में मंगलवार, 30 दिसंबर को बैठक में भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत शामिल हुए। लेकिन भारतीय दूतावास ने अभी तक इस बैठक पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
अमेरिकी दूतावास की तरफ से आयोजित बैठक में अमेरिकी राजदूत डेविड पड्र्यू ने एक फोटो के साथ जारी एक पोस्ट में कहा, ”क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग (क्वाड) एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बनाए रखने में एक सकारात्मक शक्ति है।”
डेविड पड्र्यू ने आगे कहा कि ”बीजिंग में क्वाड देशों के राजदूतों से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने इस मीटिंग में शामिल हुए चारों राजदूतों की एक फोटो साझा की, जिसमें भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत भी नजर आए।
चीन वर्षों से कर रहा क्वाड देशों की आलोचना
चीन ने वर्षों से क्वाड देशों की कड़ी आलोचना की है, लेकिन इसके बावजूद इस बैठक पर चीन की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बीजिंग में क्वाड देशों के राजदूतों की इस मीटिंग का होना बड़ी बात है, वो भी तब जब चीन हमेशा ही इस संगठन का विरोध करता आया है। ये दिखाता है कि चीन के सामने भारत और अमेरिका मजबूती के साथ खड़े हैं।



