‘दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा’, धर्मशाला में छात्रा के सुसाइड केस में UGC का एक्शन; फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई

धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज में 19 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के मामले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने संज्ञान लिया है। यूजीसी ने घटना की जांच के लिए एक तथ्य-जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। आयोग ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
HighLights
- धर्मशाला कॉलेज में 19 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या।
- यूजीसी ने मामले का संज्ञान लिया, समिति गठित की।
- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि।
धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज से एक 19 साल की छात्रा की आत्महत्या का मामला सामने आया। इस मामले में अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने संज्ञान लिया है।
यूजीसी ने छात्रा की आत्महत्या के मामले में एक तथ्य-जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। आयोग ने आश्वासन दिया है इस मामले की जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यूजीसी का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
‘सभी आरोपियों को सजा मिले’
धर्मशाला में छात्रा की आत्महत्या के मामले मं पीड़िता की मां का बयान सामने आया है। पीड़िता की मां ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि मैं यह चाहती हूं कि जो भी आरोपी है, वो सभी पकड़े जाए। इस मामले में किसी बेगुनाह को सजा न मिले, लेकिन जितने भी आरोपी हैं, सभी पकड़े जाने चाहिए। मेरी बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए।
पीड़िता की मां ने आगे बताया कि उसकी बेटी सितंबर महीने से ही बीमार हुई थी, उससे पहले वो कभी बीमार नहीं थी। पीड़िता की मां ने यह भी बताया कि उनकी बेटी के सभी टेस्ट हुए हैं, उसकी सभी रिपोर्ट हमारे पास हैं और हम बस यह चाहते हैं कि सभी आरोपी को सजा मिलनी चाहिए।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। एसपी कांगड़ा अशोक रतन का कहना है कि ‘हमें एक शिकायत मिली और उसकी जाँच के बाद, हमने धारा 115, 3(5) और 75 तथा बीएनएस के रैगिंग अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की। मृतक धर्मशाला की निवासी थी।’
एसपी ने आगे बताया कि ‘अभी जांच प्रारंभिक चरण में है, इसलिए फैकल्टी मेंबर्स के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों और सहकर्मियों के खिलाफ रैगिंग के आरोपों से संबंधित तथ्यों पर विचार किया जा रहा है और उनकी पुष्टि की जा रही है।’
पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से 20 तारीख को जिस मामले की सूचना मिली थी, जब हमने उसकी जांच की, तो उसमें यौन उत्पीड़न के आरोप शामिल नहीं थे। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, हम उनका संज्ञान लेंगे और उन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।’



