8th Pay Commission पर सस्पेंस! कहीं 11वां तो कहीं चल रहा 6वां वेतन आयोग, राज्य कर्मचारियों को कब मिलेगा फायदा?

8th Pay Commission state employees: देश के केंद्रीय कर्मचारी 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन राज्यों में वेतन आयोग की स्थिति अलग है। कुछ राज्यों में 11वां तो कहीं 6वां वेतन आयोग लागू है। यह लेख बताता है कि राज्य कर्मचारी कब और कैसे नए वेतन आयोग का लाभ उठाएंगे। राज्य अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार निर्णय लेते हैं, जिससे केंद्र के बाद उन्हें लाभ मिलने में समय लगता है। राज्यों में फिटमेंट फैक्टर भी केंद्र के समान या आसपास रहता है।
देश के 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और करीब 69 लाख पेंशनर्स जिस 8वें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन देश के कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां 11वां वेतन आयोग (Kerala 11th Pay Commission) बहुत पहले लागू हो चुका है और वहीं कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां छठां वेतन आयोग लागू है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बचे हुए राज्यों में नया वेतन आयोग (8th Pay Commission state employees) कब लागू होगा और बढ़ी हुई सैलरी-पेंशन कब आएगी? क्योंकि राज्यों के कर्मचारियों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या उन्हें केंद्र के साथ ही (central vs state pay revision 2026) फायदा मिलेगा या फिर उन्हें और लंबा इंतजार करना होगा?
नया वेतन आयोग लागू होने पर पहले फायदा किसे?
केंद्र सरकार जब भी नया वेतन आयोग लागू करती है, उसका फायदा सबसे पहले केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलता है। लेकिन राज्यों के कर्मचारियों के लिए मामला इतना सीधा नहीं होता। हर राज्य अपनी आर्थिक हालत, बजट और राजस्व के हिसाब से फैसला करता है। यही वजह है कि राज्य सरकारें केंद्र की नकल करने के बजाय अपना अलग स्टेट पे कमीशन बनाती हैं।
क्यों अलग वेतन आयोग बनाते हैं राज्य?
असल वजह है- पैसा। हर राज्य की कमाई और खर्च अलग-अलग होता है। कोई राज्य ज्यादा वेतन बढ़ा सकता है, तो कोई सीमित। इसलिए राज्य सरकारें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें सीधे लागू नहीं करतीं, बल्कि अपना आयोग बनाकर वेतन, पेंशन और भत्तों पर फैसला लेती हैं। हाल ही में असम सरकार ने भी नया राज्य वेतन आयोग गठित किया है।
किस राज्य में चल रहा कौन सा वेतन आयोग?
| राज्य | वर्तमान वेतन आयोग |
| असम (Assam) | 8th State Pay Commission (नया गठित) |
| केरल (Kerala) | 11th Pay Commission |
| पंजाब (Punjab) | 6th Pay Commission |
| कर्नाटक (Karnataka) | 7th Pay Commission |
| उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) | 7th Pay Commission |
| बिहार-महाराष्ट्र जैसे दूसरे राज्य | 7th Pay Commission |
यानी साफ है कि राज्यों में वेतन आयोग को लेकर कोई एकरूपता नहीं है।
क्या राज्यों की सैलरी केंद्र जितनी बढ़ती है?
आमतौर पर राज्य सरकारें फिटमेंट फैक्टर केंद्र के आसपास ही रखती हैं। 7वें केंद्रीय वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 (fitment factor 2.57 vs states) था। उत्तर प्रदेश ने भी 2.57 ही रखा, जबकि पंजाब में यह 2.59 रहा। हालांकि कुछ राज्यों में यह थोड़ा कम या ज्यादा भी हो सकता है।
राज्य कर्मचारियों को एरियर कब से मिलेगा?
सामान्य नियम यह है कि पुराने वेतन आयोग की अवधि खत्म होते ही अगले दिन से एरियर बनना चाहिए। जैसे उत्तर प्रदेश में 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 तक है, तो आदर्श स्थिति में 1 जनवरी 2026 से एरियर बनना चाहिए। लेकिन 8वें वेतन आयोग की लागू होने की तारीख अभी तय नहीं है, इसलिए अंतिम तस्वीर सरकार के ऐलान के बाद ही साफ होगी।
राज्यों को कितना समय लगता है?
केंद्र के बाद राज्यों पर कोई तय समय-सीमा नहीं होती। कुछ राज्य 6 महीने से 1 साल में नया वेतन आयोग लागू कर देते हैं, जबकि ज्यादातर राज्यों को 1 से 3 साल तक लग जाते हैं। 7वें वेतन आयोग के दौरान भी यही देखने को मिला था। यानी साफ है कि 8वें वेतन आयोग का फायदा राज्य कर्मचारियों को मिलेगा जरूर, लेकिन कब मिलेगा, कितना मिलेगा और एरियर कितना बनेगा, यह पूरी तरह राज्य सरकारों के फैसले पर निर्भर करेगा।



