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उत्तराखंड के मसूरी, धनौल्टी, चकराता, टिहरी में सुबह से ही बर्फ की फुहारें

उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार को मौसम में बदलाव देखने को मिला। बर्फबारी ने पहाड़ी इलाकों को प्रभावित किया। दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य मैदानी इलाकों में लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। बेमौसम बर्फबारी और बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। शिमला व मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी हुई।

HighLights

 

  1. बर्फबारी व वर्षा से उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज, फिर बढ़ेगी ठंड

उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार को मौसम में बदलाव देखने को मिला। बर्फबारी ने पहाड़ी इलाकों को प्रभावित किया। दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य मैदानी इलाकों में लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। बेमौसम बर्फबारी और बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया।

शिमला व मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। बर्फबारी से कश्मीर का सड़क व हवाई संपर्क देश से कटा रहा। जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। वहीं, पुंछ के रास्ते कश्मीर को जोड़ने वाला मुगल रोड़ भी बंद है। श्रीनगर हवाई अड्डे से सभी उड़ानें रद रहीं।

टिटवाल में वर्ष 2005 के बाद पहली बार हिमपात हुआ

कुपवाड़ा में एलओसी के साथ सटे करनाह, टिटवाल में वर्ष 2005 के बाद पहली बार हिमपात हुआ है। करनाह के निचले इलाकों में दो से पांच इंच तक बर्फ रिकार्ड की गई है। श्रीनगर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दृष्यता का अभाव होने और रनवे पर बर्फ जमा होने के कारण विमानों की आवाजाही अगले सूचना तक बंद कर दी गई है। दिल्ली में खराब मौसम के बावजूद गणतंत्र दिवस समारोह संपन्न हुआ।

शिमला व मनाली में सीजन का पहला हिमपात

शिमला और मनाली में सीजन का पहला हिमपात हुआ। शिमला शहर में 2022 के बाद जनवरी में अधिक हिमपात दर्ज किया गया है। शुक्रवार को तड़के चार बजे से शिमला सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली, कई घरों की छतें उड़ गईं। ताजा हिमपात और वर्षा के बाद समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट में है।

मौसम विभाग ने 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी दी है। प्रदेश में करीब 600 बसों के फंसने की सूचना है। उधर, सोलन में शुक्रवार को पहाड़ी से पत्थर गिरने से 15 वर्षीय लड़की हिमानी की मृत्यु हो गई। पीडि़त परिवार को तात्कालिक राहत राशि के रूप में 25 हजार रुपये दिए गए।

उत्तराखंड के पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर

उत्तराखंड को बदरी-केदार से लेकर अनेक पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी हुई। मसूरी, चकराता, धनोल्टी, औली, टिहरी, हर्षिल, अल्मोड़ा की द्रोण पर्वतमाला में शुक्रवार को दिनभर बर्फबारी हुई। बदरीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री, यमुनोत्री, आदि कैलास में भी जोरदार बर्फबारी हुई। नैनीताल की ऊंची चोटियों पर मौसम की पहली बर्फबारी हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक चंद्र सिंह तोमर के अनुसार पर्वतीय इलाकों में आंशिक बादल छाने और हल्की वर्षा-बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। केदारनाथ धाम में एक फीट तक बर्फ जम गई है। अल्मोड़ा जनपद की सबसे ऊंची भरतकोट के साथ ही द्रोणागिरि (दूनागिरि) पर्वतमाला की चोटियों पर बर्फबारी हुई है।

रानीखेत नगर क्षेत्र में दो वर्ष बाद बर्फबारी हुई

रानीखेत नगर क्षेत्र में दो वर्ष बाद बर्फबारी हुई है। वर्षा-बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए राहत लेकर आई है। जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को मैदानी क्षेत्रों में बारिश और गुलमर्ग समेत सभी पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हुई।

जम्मू के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पत्नीटाप और श्री माता वैष्णो देवी के भवन पर मौसम का पहला हिमपात हुआ। माता वैष्णो देवी की यात्रा को सात घंटे तक स्थगित करना पड़ा। मौसम विभाग ने प्रदेश के पांच जिलों में अगले 24 घंटे तक हिमस्खलन का खतरा बताया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बैठक कर हालात की समीक्षा की।

तीन से पांच फुट बर्फ जमी

वहीं, मौसम विभाग ने 26 व 27 जनवरी को भी वर्षा व हिमपात की संभावना जताई है। कश्मीर में गुलमर्ग, युसमर्ग, सोनमर्ग समेत उच्च पर्वतीय इलाकों में तीन से पांच फुट बर्फ गिरी है। शोपियां में पीर पंजाल के साथ सटे इलाकों में तीन से पांच फुट बर्फ जमा है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी नवयुग सुरंग के पास भारी हिमपात से यातायात बंद कर दिया गया है।

जम्मू रेलवे डिवीजन के सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल ने बताया कि ट्रेन आपरेशन में देरी हो रही है। कोई ट्रेन रद नहीं हुई है। दिल्ली में साल की पहली बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर में उच्च प्रदूषण स्तर से कुछ समय के लिए राहत मिली। बारिश के कारण वायु गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ।

दिल्ली का ट्रैफिक बहुत खराब है

कुछ यात्रियों ने इंटरनेट पर बारिश के बाद लंबे जाम की तस्वीरें साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, ”हल्की बारिश, भारी ड्रामा- दिल्ली का चरम व्यवहार”, ”दिल्ली का ट्रैफिक बहुत खराब है!” शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई, एनसीआर और उत्तराखंड से सटे जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटे रफ्तार से हवा चली।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश, तराई और उत्तराखंड से सटे लगभग 15 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 27 जनवरी से एक और पश्चमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है।

पंजाब के कई जिलों में तेज वर्षा व ओलावृष्टि हुई

पंजाब के कई जिलों में तेज वर्षा व ओलावृष्टि हुई। गुरुवार शाम से शुरू हुई वर्षा शुक्रवार दोपहर बाद तक जारी रही है। जालंधर, लुधियाना व मुक्तसर में वर्षा के साथ ओलावृष्टि भी हुई। पटियाला जिले के नाभा में बिजली के खंभे में करंट आ जाने से आइटीआइ के छात्र भावेश की मौत हो गई। मौसम विभाग चंडीगढ़ ने शनिवार तक इसी तरह वर्षा होने का आरेंज अलर्ट जारी किया है।

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