
जयपुर। संवाददाता, सब तक एक्सप्रेस।
राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत मदन सिंह शेखावत ने अपने संघर्ष, मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर पुलिस विभाग में अपनी अलग पहचान बनाई है। झुंझुनू जिले के खेतड़ी क्षेत्र के चिंचरोली गांव से निकलकर पुलिस सेवा में अपनी पहचान बनाने वाले मदन सिंह शेखावत आज अपने गांव और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
मदन सिंह शेखावत का बचपन संघर्ष और कठिन परिस्थितियों के बीच बीता। पारिवारिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और अपनी मेहनत को आगे बढ़ने का माध्यम बनाया। 11वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने पुलिस विभाग में अपनी सेवाओं की शुरुआत की।
जयपुर के विद्याधर नगर स्थित एएसएसआई के रूप में सेवा के दौरान उन्होंने विभिन्न मामलों की जांच और मुकदमों के निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मेहनत, लगन और कार्य के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें आगे जिम्मेदारियां मिलती गईं और वह सब इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचे।
अनसुलझे मामलों के खुलासे से बनी ‘टाइगर’ की पहचान
जयपुर में पुलिस सेवा के दौरान मदन सिंह शेखावत ने कई आपराधिक मामलों की जांच में सक्रिय भूमिका निभाई। अनसुलझे मामलों को सुलझाने और अपराधियों तक पहुंचने के उनके प्रयासों के चलते पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों के बीच उनकी अलग पहचान बनी।
उनकी सख्त कार्यशैली के कारण अपराधियों के बीच उन्हें ‘टाइगर’ के नाम से भी जाना जाने लगा। वहीं आम लोगों के बीच उनकी पहचान एक ऐसे पुलिस अधिकारी के रूप में बनी, जो अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाने के लिए जाने जाते हैं।
बड़े-बुजुर्गों का सम्मान, युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा
मदन सिंह शेखावत की पहचान केवल पुलिस अधिकारी के रूप में ही नहीं, बल्कि अपने गांव और समाज से जुड़े व्यक्ति के रूप में भी रही है। वह अपने से बड़े लोगों का सम्मान करने और छोटे-बुजुर्गों से मधुर व्यवहार के लिए भी जाने जाते हैं।
उनका संघर्षपूर्ण सफर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए यह संदेश देता है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।
पुलिस विभाग में मिले कई सम्मान
मदन सिंह शेखावत को राजस्थान पुलिस में उनकी सेवाओं के लिए उत्तम, अति उत्तम और सर्वोत्तम सेवा सम्मान सहित पुलिस पदक से सम्मानित किए जाने का उल्लेख किया गया है। इन सम्मानों को उनकी सेवा और कार्य के प्रति विभागीय सराहना के रूप में देखा जाता है।
वर्तमान में भी वह पुलिस सेवा में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और आपराधिक मामलों की जांच एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
गांव का नाम रोशन करने वाले धरतीपुत्र
चिंचरोली गांव से निकलकर राजस्थान पुलिस में अपनी पहचान बनाने वाले मदन सिंह शेखावत का सफर संघर्ष से सफलता तक की कहानी है। सीमित परिस्थितियों से शुरुआत कर पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचना उनकी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
उनकी कार्यशैली और उपलब्धियां आज भी उनके गांव, क्षेत्र और पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। मदन सिंह शेखावत का जीवन युवाओं को मेहनत, साहस और अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहने की प्रेरणा देता है।
संवाददाता, सब तक एक्सप्रेस



