‘बंगाल सब कुछ सह सकता है, पर किसी के आगे नहीं झुकता’, भाजपा पर जमकर बरसीं ममता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भाजपा पर निशाना साधा, कहा बंगाल किसी के आगे नहीं झुकता। उन्होंने बंगाली प्रवासी श्रमिकों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया और सभी भाषाओं के सम्मान पर जोर दिया।
HighLights
- ममता ने भाजपा पर बंगाल से जलने का आरोप लगाया।
- अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर सभी भाषाओं के सम्मान पर जोर।
- 25 हस्तियों को बंगबिभूषण, बंगभूषण सम्मान से नवाजा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस समारोह के मंच से बिना नाम लिए भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि वे लोग बंगाल से बहुत जलते हैं।
राज्य सरकार द्वारा भाषा दिवस पर कोलकाता के देशप्रिय पार्क में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए ममता ने दूसरे राज्यों में बंगाली प्रवासी श्रमिकों के कथित उत्पीडऩ का फिर मुद्दा उठाया और सवाल किया कि बंगाली बोलने पर लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है। ममता ने कहा कि मैं सभी भाषाओं का सम्मान करती हूं, क्योंकि हम रामकृष्ण परमहंसदेव व स्वामी विवेकानंद की धरती के लोग हैं।
ममता ने कहा कि इस पावन दिन पर हम अपना संकल्प दोहराते हैं कि यदि किसी भी भाषा पर प्रहार होता है तो हम सब उसके खिलाफ एकजुट होकर खड़े होंगे। सभी भाषाएं समान सम्मान की पात्र हैं। ममता ने स्पष्ट कहा कि बंगाल सब कुछ सह सकता है, देश के लिए सब कुछ बर्बाद कर सकता है, लेकिन यह किसी के आगे नहीं झुकता।
ममता ने कहा कि हम सिर्फ लोगों व अपनी मिट्टी के आगे झुकते हैं। हम दिल्ली के आगे नहीं झुकते। ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल से नफरत करने वाले कुछ लोग बंगाली भाषा पर हमला कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली से आकर बंगाल पर जबरन कब्जा नहीं किया जा सकता। ममता ने कहा कि भाजपा के नेताओं को पहले बंगाल को जानना होगा। ममता ने जुल्म और व्यभिचार के खिलाफ लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया। ममता ने कहा कि वे (भाजपा वाले) बंगाल को लेकर बहुत परेशान हैं। क्या आप जबर्दस्ती बंगाल पर कब्जा करेंगे?
भले ही आप सब कुछ जबरदस्ती कर लें, आप लोगों का दिल नहीं जीत सकते। ममता ने याद दिलाया कि अगर बंगाली नहीं होते तो देश में पुनर्जागरण, सती प्रथा और बाल विवाह नहीं रूकते।
कई हस्तियों को मिला बंगबिभषूण व बंगभूषण सम्मान
इस समारोह में ममता ने राज्य सरकार की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों के नौ हस्तियों को राज्य के सर्वोच्च बंगबिभषूण जबकि 16 लोगों को बंगभूषण सम्मान से सम्मानित किया। बंगबिभूषण पाने वालों में भाजपा के राज्यसभा सदस्य अनंत महाराज के अलावा गणेश हलुई, शिवाजी चटर्जी, श्रीराधा बनर्जी, लोपामुद्रा मित्रा, राज्य सरकार में मंत्री बाबुल सुप्रियो, अभिनेत्री इमन चक्रवर्ती और श्रीजात बनर्जी शामिल थे। वहीं, बंग भूषण पाने वालों में गायिक व तृणमूल कांग्रेस की विधायक अदिति मुंशी, अभिनेता परमब्रत चटर्जी, फुटबालर समरेश चौधरी, बाउल कलाकार कार्तिक दास बाउल व अन्य प्रमुख नाम थे।
सभी भाषाएं समान रूप से सम्मान की हकदार हैं
इससे पहले सुबह में ममता ने एक्स पर पोस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की लोगों को शुभकामनाएं दीं। ममता ने जोर देकर कहा कि सभी भाषाएं समान रूप से सम्मान की पात्र हैं और उन्हें किसी भी प्रकार के प्रहार से बचाया जाना चाहिए।
भाषा आंदोलनों के दौरान शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए ममता ने कहा कि उनकी सरकार भाषाई विविधता का सम्मान करती है तथा उसने कई भाषाओं को आधिकारिक मान्यता दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्ला न केवल एक समृद्ध साहित्यिक विरासत वाली भाषा है, बल्कि यह सभी भाषाई समुदायों के प्रति सम्मान की व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा भी है।
उन्होंने कहा कि हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि राज्य में हर व्यक्ति को, चाहे वह कोई भी भाषा बोलता हो, उसे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले।



