पॉलिटिक्स

एच-1बी वीज़ा के लिए एक लाख डॉलर की फीस को कोर्ट ने अवैध घोषित किया

वाशिंगटन, अमेरिका

अमेरिका के एक फ़ेडरल जज ने सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की उस नीति को अवैध घोषित कर दिया, जिसके तहत हाइ स्किल्ड विदेशी कर्मचारियों के लिए एच-1बी वीज़ा पर 1 लाख डॉलर की अतिरिक्त फीस लगाई गई थी। इस फैसले ने तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले विदेशी विशेष कौशल कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है।

एच-1बी वीज़ा योजना, जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी विशेषज्ञ कर्मचारियों को नौकरी देने की अनुमति देती है, वर्षों से अमेरिका के टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों के लिए प्रतिभा का मुख्य स्रोत रही है। ट्रंप प्रशासन ने यह नया नियम मार्च 2023 में लागू करने की कोशिश की थी, जिसमें दावा किया गया था कि इससे अमेरिकी श्रमिकों के रोजगार में वृद्धि होगी। परन्तु कॉर्पोरेट सेक्टर और विभिन्न श्रम संगठन इस नीति का विरोध कर चुके थे, जिसे उन्होंने विदेशी प्रतिभाओं पर अनावश्यक आर्थिक दबाव के रूप में देखा था।

फ़ेडरल कोर्ट के इस फैसले के अनुसार, अमेरिकी कानून के तहत इस प्रकार की ओवरचार्जिंग की अनुमति नहीं है। न्यायाधीश ने अपने निर्णय में कहा कि इस नीति से अमेरिकी वीज़ा कानून के उद्देश्य और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न उठता है। अदालत का यह निर्णय व्यापक रूप से टेक उद्योग, रोजगार संगठनों और प्रवासी समुदायों द्वारा सकारात्मक रूप में स्वागत किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका के सहयोगी देशों से कुशल कामगारों को आकर्षित करने की दिशा में भी एक सकारात्मक संकेत है। इसके साथ ही इस फैसले से अमेरिका के व्यावसायिक और तकनीकी क्षेत्र में विदेशी प्रतिभाओं के आने पर असमंजस कम होगा।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए, कई प्रमुख तकनीकी कंपनियों ने कहा कि अदालत का फैसला उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रतिभा के वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने में मदद करेगा। वहीं, ट्रंप प्रशासन के समर्थक इस निर्णय को आर्थिक सुरक्षा के लिए एक चुनौती मान रहे हैं।

इस घटना से साफ होता है कि अमेरिकी न्यायपालिका आज भी प्रवासी कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रही है और ऐसे कदम उनके हितों की रक्षा करते हैं। आने वाले समय में इस मामले से जुड़ी नीतियों और कानूनी प्रक्रियाओं में और परिवर्तन की संभावना बनी हुई है।

Source

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!