खामनेई की मौत के बाद जंग की आग में खाड़ी देश, तेल अवीव से दुबई तक ईरान ने कहां-कहां मचाई तबाही?

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले और खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। दुबई, अबू धाबी, दोहा और मनामा सहित कई खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागी गईं।
- ईरान द्वारा खाड़ी देशों के हवाई अड्डों और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया
- हमलों में कई घायल, अमेरिका और अरब सहयोगियों ने निंदा की
मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है। अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए हमले के बाद अब यह पूरे खाड़ी देशों में फेल गया है। शनिवार को इजरायल-अमेरिका द्वारा की गई सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दुबई, अबू धाबी, दोहा और मनामा समेत कई जगहों पर भी मिसाइल दागनी शुरू कर दी।
ईरान द्वारा किए गए पलटवार का आलम यह है कि कतर और बहरीन की राजधानियों के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में भी विस्फोटों की आवाजें गूंज रही हैं। सोमवार को इजरायली सेना ने नए मिसाइलों के आने की पुष्टि की।
जिसके बाद न केवल तेल अवीव में हवाई हमले के सायरन बजे, बल्कि खाड़ी देशों के नागरिक बुनियादी ढांचों, हवाई अड्डों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी भारी गोलाबारी और ड्रोन हमले देखे गए।
कहां कहां ईरान ने किया अटैक?
ईरान की राजधानी तेहरान पर हुए हमले के तीसरे दिन, तेल अवीव और यरुशलम के ऊपर कई मिसाइलों को रोका गया। वहीं, इराक में एरबिल हवाई अड्डा जहां अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के सैनिक तैनात हैं और एक बड़ा अमेरिकी वाणिज्य दूतावास परिसर भी स्थित है। वहां, बार-बार ड्रोन आ रहा जिसे रोका जा रहा है। कुवैत में भी अमेरिकी दुतावास के पास धुएं के गुबार उठते देखा गया।

ईराक में जहां अमेरिका के कई सैन्य अड्डे स्थित हैं, नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। रविवार को बहरीन की राजधानी मनामा में हवाई अड्डे पर ड्रोन से हमला हुआ, जिससे मामूली नुकसान हुआ।
ईरान के हमले में जो सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है। जहां ड्रोन द्वारा गिराए गए मलबे से दुबई के रिहायशी इलाकों में दो लोग घायल हो गए। शनिवार को ईरानी हमलों के कारण पाम सीफ्रंट डेवलपमेंट और बुर्ज अल अरब होटल जैसी इमारतों में आग लग गई।
वहीं, अबू धाबी के हवाई अड्डे पर के पास हुए हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए, जबकि एक अन्य व्यक्ति की दिन में पहले मलबे गिरने से मौत हो गई।
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ये हवाई अड्डे हुए प्रभावित
ईरान द्वारा किए गए पलटवार में अंतर्राष्ट्रीय यातायात के लिहाज से दुनिया का सबसे व्यस्त दुबई हवाई अड्डा और कुवैत का हवाई अड्डा भी प्रभावित हुए। सऊदी अरब में, रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रिंस सुल्तान एयरबेस (जहां अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात हैं) को निशाना बनाकर दागी गई ईरानी मिसाइलों को रोक दिया गया।
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कतर में जहां इस क्षेत्र का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा स्थित है, वहां ईरान ने 65 मिसाइलें और 12 ड्रोन दागे, जिनमें से अधिकांश को रोक दिया गया, लेकिन आठ लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है। ईरान द्वारा ओमान के भी दुक्म बंदरगाह को दो ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया।
अमेरिका और उसके अरब सहयोगियों ने की निंदा
अमेरिकी विदेश विभाग ने बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ एक संयुक्त बयान में कहा, “नागरिकों और शत्रुता में शामिल न होने वाले देशों को निशाना बनाना लापरवाह और अस्थिर करने वाला व्यवहार है।”
रविवार को खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी), जिसमें संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, कतर और कुवैत शामिल हैं, ने ईरानी हमलों के खिलाफ एक बैठख की। इस बैठख में परिषद ने इन हमलों को तत्काल रोकने का आह्वान किया करते हुए कहा, “खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता केवल एक क्षेत्रीय चिंता नहीं है, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता का एक मूलभूत स्तंभ है”।
पीछे नहीं हटने वाला ईरान
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि ईरान अब घुटने पर आ गया है और बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजियानी ने कहा, “हम संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेंगे।” (समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)



