भारत-यूएई संयुक्त सैन्य अभ्यास उत्तराखंड में शुरू, पहाड़ी युद्धकला पर ध्यान

उत्तराखंड के चौबटिया में भारत और यूएई की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू हुआ है, जिसका मकसद दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और समझ बढ़ाना है। यह अभ्यास 5 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक चलेगा और इसका मुख्य फोकस पहाड़ी इलाकों में युद्धकला पर है।
अभ्यास की ताकत और भागीदारी
इस अभ्यास में दोनों सेनाओं के कुल 92 जवान शामिल हैं, जिनमें बराबर संख्या में सैनिक भारत और यूएई से हैं। भारतीय सेना का हिस्सा भैरव बटालियन के सैनिक हैं, जबकि यूएई की सेना से माउंटेन इन्फैंटेरी बटालियन के जवान इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
सैनिकों के साथ महिलाओं अधिकारी और लड़ाकू भी शामिल हैं, जो विभिन्न विशेषज्ञ भूमिकाओं में योगदान दे रही हैं। यह पहली बार नहीं है कि दोनों देशों की सेनाएं इस तरह का परिचालन कर रही हैं, लेकिन यह अभ्यास दोनों पक्षों के लिए खास महत्व रखता है।
अभ्यास के मुख्य उद्देश्य और प्रकार
“एक्सरसाइज माउंटेन गार्डियन” का लक्ष्य तकनीक के उपयोग को बढ़ाते हुए दोनों सेनाओं के बीच सम्मिलित युद्ध कौशल और रणनीतियों का आदान-प्रदान करना है। इस अभ्यास के दौरान सैनिक संयुक्त योजना बनाने, टैक्टिकल ड्रिल, फायरिंग अभ्यास, निगरानी, और ड्रोन संचालन जैसे कार्य करेंगे।
पहाड़ी इलाकों की कसौटी पर सैनिकों की शारीरिक सहनशीलता को बढ़ाने के लिए चढ़ाई, बाधा ट्रेनिंग, और एकीकृत क्षेत्र अभ्यास भी करवाए जाएंगे। इसमें उन्नत तकनीकी युद्ध विधियां और पहाड़ी इलाकों में प्रभावी आपरेटिंग प्रक्रियाएं शामिल होंगी।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह अभ्यास सैनिकों को पेशेवर अनुभव साझा करने, युद्ध कौशल में निपुणता बढ़ाने तथा बेहतरीन युद्धक तकनीकों के आदान-प्रदान का अवसर देगा। इससे दोनों देशों की सैन्य सहयोग और दोस्ती को भी मजबूत किया जाएगा।
यह अभ्यास भारत-यूएई के रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य करेगा और दोनों देशों के बीच मजबूती से विश्वास और समर्पण को बढ़ावा देगा। आस-पास के क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में भी इसकी अहम भूमिका होगी।
अभ्यास की शुरुआत चौबटिया के विदेशी प्रशिक्षण केंद्र से हुई है, जो उच्च पहाड़ी इलाकों के लिए अनुकूल स्थल है। यहां पर सेनाएं कड़ी मेहनत और समन्वय से सैन्य दक्षताओं को उन्नत करेंगी, जो भविष्य में संयुक्त अभियान में लाभकारी साबित होगा।
संक्षेप में, भारत और यूएई के इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का उद्देश्य आधुनिक युद्ध कौशल और तकनीक के माध्यम से दोनों सेनाओं का गठबंधन मजबूत करना है, ताकि पहाड़ी इलाकों में बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह अभ्यास दोनों राष्ट्रों के रिश्तों को नया आयाम देगा।




