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अमेरिकी न्यायाधीश ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के खिलाफ ट्रंप के 10 अरब डॉलर के मानहानि मुकदमे को खारिज किया

मियामी, फ्लोरिडा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वॉल स्ट्रीट जर्नल और इसके मालिकों, जिनमें रूपर्ट मर्डोक भी शामिल हैं, के खिलाफ दायर 10 अरब डॉलर के मानहानि मुकदमे को फ्लोरिडा की एक संघीय अदालत ने खारिज कर दिया है। यह मुकदमा ट्रंप ने एक विवादास्पद किताब को लेकर दायर किया था, जो जेफ़री एपस्टीन के जन्मदिन पर आधारित है।

ट्रम्प ने आरोप लगाया था कि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है, खासकर इस किताब में प्रकाशित तथ्यों को लेकर जो एपस्टीन के जन्मदिन से जुड़े कथनों पर आधारित है। ट्रंप का यह दावा था कि यह किताब झूठे और भ्रामक आरोप लगाती है, जिससे उनका राजनीतिक और निजी जीवन प्रभावित हुआ है।

हालांकि, न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के दौरान यह पाया कि अखबार ने कानूनी दायरे में रहकर पूरी रिपोर्टिंग की है और उसमें कोई भ्रामक या झूठी जानकारी शामिल नहीं है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता और तथ्यों के आधार पर की गई रिपोर्टिंग को मानहानि के दायरे में नहीं लाया जा सकता।

वॉल स्ट्रीट जर्नल के प्रवक्ता ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि अदालत ने प्रेस की स्वतंत्रता और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के महत्व को सही मायने में समझा है। रूपर्ट मर्डोक की कंपनी की ओर से भी इसे प्रेस स्वतंत्रता की जीत करार दिया गया है।

वहीं, ट्रंप की टीम ने कहा कि वे अदालत के फैसले की समीक्षा कर रहे हैं और आगे कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे। इस मामले ने प्रेस और सार्वजनिक हस्तियों के बीच मानहानि कानून और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच की जटिलताओं को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

जेफ़री एपस्टीन, जिनके आसपास मची कानूनी और सामाजिक विवादों की गूंज अभी भी बनी हुई है, उनके जन्मदिन पर आधारित इस पुस्तक में कई ऐसे तथ्य और कथन शामिल थे, जो ट्रंप के खिलाफ गए। हालांकि यह मामला अब बंद हो चुका है, लेकिन भविष्य में प्रेस और सार्वजनिक हस्तियों के बीच संघर्ष की संभावना बनी रहेगी।

मामले की समीक्षा के दौरान कई कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह फैसला प्रेस की स्वतंत्रता और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के समर्थन में एक सकारात्मक कदम है, जो अमेरिकी न्यायपालिका में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संरक्षण देता है।

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