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ईरान के विदेश मंत्री अराग़ची का चीन दौरा: एजेंडा पर क्या है चर्चा

बीजिंग, चीन – ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अराबची हाल ही में चीन पहुंचे, जहां उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा, और कूटनीति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसर तलाशना है।

ईरान और चीन लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक साझेदार रह चुके हैं। इस दौरे के दौरान, दोनों पक्षों ने Belt and Road Initiative (BRI) जैसे बड़े प्रोजेक्टों पर भी बात की। चीन के लिए ईरान मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण साझेदार है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा संसाधनों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है।

अराग़ची और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत में, दोनों ने वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में परस्पर समर्थन की बात कही। विशेष रूप से, अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच, दोनों देश एक-दूसरे के उपायों को समझते हुए सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं।

ईरानी विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस दौरे का एक प्रमुख एजेंडा शियाओं और सून्नियों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करना भी है, ताकि क्षेत्रीय संघर्षों को कम किया जा सके। इसके अतिरिक्त, आतंकवाद, व्यापार प्रतिबंधों, और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मुद्दों पर भी व्यापक स्तर पर चर्चा हुई।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस दौरे से न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूती मिलेगी, बल्कि इसमें क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक कूटनीति में भी सकारात्मक बदलाव की संभावनाएं हैं। इसके साथ ही, ईरान की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए चीन से निवेश और तकनीकी सहयोग की अपेक्षा भी की जा रही है।

जैसे-जैसे वैश्विक राजनीति में कई बदलाव हो रहे हैं, इस तरह के उच्च स्तरीय दौरे दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को नए मुकाम पर ले जाने में सहायक साबित होंगे। यह दौरा निश्चित रूप से मध्य पूर्व और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों पर विशेष प्रभाव डालेगा।

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