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45% सभी लघु एवं मध्यम उद्यमों को मिलेगा ECLGS 5.0 का लाभ: SBI रिसर्च

नई दिल्ली, भारत

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ईसीएलजीएस (ईमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम) 5.0 के तहत लगभग 1.1 करोड़ एमएसएमई खाते औसतन ₹2 से ₹2.3 लाख अतिरिक्त क्रेडिट प्रवाह का लाभ लेने के लिए तैयार हैं। यह योजना विशेष रूप से विमानन क्षेत्र को भी फायदा पहुंचाएगी, जो कोविड-19 संकट के बाद धीरे-धीरे पुनर्जीवित हो रहा है।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शोध के अनुसार, वर्तमान आर्थिक माहौल में MSME क्षेत्र को वित्तीय समर्थन प्रदान करना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। 45 प्रतिशत एमएसएमई को सीधे तौर पर ईसीएलजीएस 5.0 से फायदा मिलने की संभावना है, जिससे उनके संचालन में स्थिरता और विकास को बल मिलेगा।

ईसीएलजीएस योजनाओं के तहत, सरकार MSMEs को बिना किसी सुरक्षा जमा के तत्काल ऋण उपलब्ध कराती है, जो कि पुनर्प्राप्ति और व्यवसाय विस्तार में सहायक होता है। विनिर्माण, सेवाएं और विशेष रूप से विमानन क्षेत्र इस योजना से भारी लाभान्वित होंगे। विमानन क्षेत्र को अधिकतम करीब 20% अतिरिक्त क्रेडिट का प्रवाह अपेक्षित है, जो उनके संचालन में नयी जान डाल सकता है।

एसबीआई के रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एमएसएमई सेक्टर की आर्थिक मजबूती से रोजगार सृजन, निर्यात एवं घरेलू उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ईसीएलजीएस 5.0 योजना से छोटे उद्योगों में निवेश आकर्षित होगा और आर्थिक सुधार के नए द्वार खुलेंगे।

भारत सरकार ने पिछले वर्षों में MSME को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं, जिनमें ईसीएलजीएस का विशेष महत्व रहा है। इस योजना के तहत ऋण धारकों को विशेष ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवाकर उनके वित्तीय बोझ को कम किया जाता है।

आर्थिक जानकारों के अनुसार, आने वाले महीनों में MSME क्षेत्र की स्थिति बेहतर होने के साथ-साथ नए रोजगार के अवसर विकसित होंगे, जिससे समग्र आर्थिक वृद्धि में वृद्धि देखने को मिलेगी। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के दौरान MSMEs को भारी नुकसान उठाना पड़ा था, और अब यह योजना उन पर पड़े आर्थिक संकट को कम करने के लिए सहायक सिद्ध होगी।

अतः ईसीएलजीएस 5.0 का क्रियान्वयन न केवल MSME सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के आर्थिक पुनरुत्थान में भी इसका बड़ा योगदान रहेगा, जो वित्तीय स्थिरता और रोजगार सृजन के नए आयाम स्थापित करेगा।

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