राष्ट्रीय

अकड़्यूटोडियल याचिका के बाद आरोपी अंकित डेलिसन का शव अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया

मणामदुरई, तमिलनाडु। मणामदुरई पुलिस हिरासत में कथित प्रताड़ना के कारण सोमवार, 8 मार्च को मृत्यु के शिकार हुए अखिल भारतीय परिवार के सदस्य अंकित डेलिसन के शव को अंततः अदालत के आदेश पर अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। यह मामला धीरे-धीरे स्थानीय प्रशासन और समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पुलिस के अनुसार, डेलिसन की मृत्यु हिरासत में प्राकृतिक कारणों से हुई, लेकिन परिवार ने इस बात को स्वीकार नहीं किया और कहा कि उनकी मृत्यु पुलिस द्वारा प्रताड़ना का नतीजा है। इस विवाद के बीच परिवार ने प्रारंभ में शव ग्रहण करने से मना कर दिया था, जिससे मामले में तनाव बढ़ गया था। परिवार का कहना था कि वे न्याय पाने के लिए सच की मांग कर रहे हैं और वे शव लेने से तब तक इंकार करते रहेंगे जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती।

अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि परिवार की सहमति के बिना ही शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा, लेकिन कोर्ट के आदेश के पश्चात ही स्थानीय प्रशासन ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की। इस निर्णय के बाद, डेलिसन के परिवार ने भी कुछ हद तक इस प्रक्रिया को स्वीकार किया।

मणामदुरई पुलिस विभाग ने मामले की जांच जारी रखने का आश्वासन दिया है और कहा है कि दोषियों को कानून के अनुशासन में लाया जाएगा। इस घटनाक्रम ने पुलिस और न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं, और स्थानीय नागरिक भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

समाजसेवी संगठनों और मानवाधिकार संस्थाओं ने भी इस मामले को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर कड़ी नज़र रखने की अपील की है ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही परिवार के न्याय मिलने तक वे इस मुद्दे को सतर्कता से देखेंगे।

स्थानीय मीडिया ने भी इस घटना को लगातार कवर किया है, और नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया है। यह मामला मणामदुरई समेत पूरे क्षेत्र के लिए न्याय और मानवाधिकार के महत्व को दर्शाता है।

अंततः, इस दुखद घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में सही व्यवहार और न्याय की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसकी कड़ी निगरानी और जवाबदेही बनाना समाज के लिए अनिवार्य है।

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