ENG W vs IND W Test: स्मृति-हरमनप्रीत के दम पर भारत का चुनौतीपूर्ण स्कोर, इंग्लैंड की खराब शुरुआत

लंदन, इंग्लैंड
लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे ऐतिहासिक एकमात्र महिला टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय महिला टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। स्मृति मंधाना, कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा के शानदार अर्धशतकों की बदौलत भारत ने पहली पारी में 285 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। इसके बाद दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड को शुरुआती झटका देते हुए मेजबान टीम का स्कोर 21/1 कर दिया।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत संभली हुई रही। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 83 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। वह अपने शतक से सिर्फ 17 रन दूर रह गईं, लेकिन उनकी पारी ने भारत को मजबूत आधार दिया। मंधाना ने धैर्य और आक्रामकता का संतुलित प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभाली और 58 रन की संयमित पारी खेली। उन्होंने मंधाना के साथ अहम साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके बाद ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 57 रन बनाए और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ उपयोगी साझेदारियां निभाईं, जिससे भारत सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सका।
हालांकि भारत की पारी और बड़ी हो सकती थी। जेमिमा रोड्रिग्स ने 35 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल सकीं। वहीं विकेटकीपर यास्तिका भाटिया भी 12 रन बनाकर आउट हो गईं। एक समय भारत का स्कोर 190/3 था, लेकिन अंतिम सात विकेट अपेक्षाकृत जल्दी गिरने से टीम 285 रन पर सिमट गई।
इंग्लैंड की ओर से अनुभवी स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को झटके देते हुए चार विकेट हासिल किए और इस दौरान इंग्लैंड की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। मैडी विलियर्स, लॉरेन फिलर, इस्सी वोंग और लॉरेन बेल ने भी अहम विकेट हासिल किए।
जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शुरुआती सफलता दिलाते हुए इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद माया बुशियर और कप्तान हीदर नाइट ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए दिन का खेल समाप्त होने तक स्कोर 21/1 पहुंचाया। इंग्लैंड अभी भी भारत के पहली पारी के स्कोर से 264 रन पीछे है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि लॉर्ड्स की पिच पर 285 रन एक प्रतिस्पर्धी स्कोर है, खासकर तब जब भारतीय गेंदबाज नई गेंद से शुरुआती सफलता हासिल कर चुके हैं। दूसरे दिन भारत की कोशिश इंग्लैंड के शीर्ष क्रम पर लगातार दबाव बनाए रखने और पहली पारी में बढ़त हासिल करने की होगी। वहीं इंग्लैंड की उम्मीदें कप्तान हीदर नाइट और मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर टिकी रहेंगी।
पहले दिन के खेल के बाद मुकाबला रोमांचक स्थिति में पहुंच गया है। भारत ने बल्लेबाजी में संघर्ष और गेंदबाजी में अनुशासन का परिचय देकर शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट की लंबी चुनौती को देखते हुए दोनों टीमों के लिए अगले तीन दिन निर्णायक साबित होंगे।



