नाबालिगों और युवाओं के यौन शोषण के आरोप में 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार, मोबाइल से 600 से ज्यादा वीडियो बरामद

नंदुरबार, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में पुलिस ने नाबालिगों और युवाओं के यौन शोषण के आरोप में 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चेतन प्रकाश कोली के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2022 से पीड़ितों को सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल और उनका शोषण कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान 600 से ज्यादा अश्लील वीडियो बरामद किए हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनमें कितने पीड़ित शामिल हैं और आरोपी ने कथित तौर पर कितने लोगों को अपना निशाना बनाया।
सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ितों के संपर्क में आता था। आरोप है कि वह उनके निजी वीडियो हासिल करने के बाद उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देता था। इसी धमकी के जरिए कथित रूप से पीड़ितों को ब्लैकमेल किया जाता था।
अधिकारियों के मुताबिक, यह गतिविधि वर्ष 2022 से जारी होने की बात सामने आई है। पुलिस अब आरोपी के संपर्कों और उसके मोबाइल फोन में मौजूद सामग्री की जांच कर रही है।
600 से ज्यादा वीडियो मिले
नंदुरबार की पुलिस अधीक्षक अश्विनी सानप ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन से 600 से अधिक अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस इन डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है ताकि पीड़ितों की पहचान की जा सके।
पुलिस के मुताबिक, मोबाइल में मिले वीडियो के आधार पर कुछ पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने वीडियो किस तरीके से हासिल किए और उनका इस्तेमाल कथित ब्लैकमेलिंग के लिए कैसे किया।
जांच का दायरा बढ़ा
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर रही है। बरामद मोबाइल फोन को जांच के महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और क्या आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस ने पीड़ितों की पहचान और उनकी जानकारी को गोपनीय रखने की प्रक्रिया पर भी जोर दिया है। मामले में जांच पूरी होने के बाद आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।



