BRICS Summit 2026: पीएम मोदी ने चीन को दी BRICS की अध्यक्षता की शुभकामनाएं, बोले- दुनिया को अब ठोस नतीजों की उम्मीद

नई दिल्ली, दिल्ली
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को अगले ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने की तैयारी कर रहा है और दुनिया की इस समूह से उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि अब केवल विचारों और वादों से काम नहीं चलेगा, बल्कि दुनिया ब्रिक्स से ठोस नतीजों की उम्मीद कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर सम्मेलन के ओपन सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों को इन बढ़ती उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी सदस्य देशों के सामूहिक प्रयास इन अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।
चीन को अगले सम्मेलन की मेजबानी के लिए शुभकामनाएं
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने चीन को ब्रिक्स के अगले मेजबान के तौर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए सदस्य देशों और उनकी टीमों की सराहना भी की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नई दिल्ली शिखर सम्मेलन को सफल बनाने में सभी देशों के प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सम्मेलन में शामिल नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षित और सुखद यात्रा की भी कामना की।
ग्लोबल साउथ का ब्रिक्स पर बढ़ा भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ग्लोबल साउथ का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों का ब्रिक्स के प्रति भरोसा बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, यह समूह वैश्विक विकास को अधिक समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित सत्र का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना’ था। इसी सत्र में प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने और साझा चुनौतियों से निपटने की जरूरत पर जोर दिया।
विचारों से आगे बढ़कर परिणाम पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स के तीसरे दशक में प्रवेश के साथ समूह के सामने जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। दुनिया अब ब्रिक्स देशों से केवल घोषणाओं और विचारों की अपेक्षा नहीं कर रही है, बल्कि ऐसे परिणाम चाहती है जिनका वास्तविक प्रभाव दिखाई दे।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब ब्रिक्स का विस्तार हो चुका है और वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, विकास, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर समूह की भूमिका को लेकर चर्चा बढ़ी है।
नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन के समापन के साथ ही ब्रिक्स की अध्यक्षता चीन को सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अब अगले शिखर सम्मेलन की मेजबानी चीन करेगा, जहां समूह के सामने मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।



