तेलंगाना ने ग्राम विकास योजना के लिए एकीकृत ढांचा लागू किया

तेलंगाना सरकार ने ग्राम पंचायतों के विकास के लिए एक समन्वित और व्यापक योजना प्रणाली शुरू की है, जो विभिन्न विभागीय योजनाओं को जोड़ती है और विकास गतिविधियों की निगरानी को मजबूत बनाती है। यह नई पहल 27 अक्टूबर को पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा लागू की गई है।
एकीकृत विकास योजना का उद्देश्य
नए तंत्र के तहत, प्रत्येक ग्राम पंचायत को तीन से पांच वर्ष की एकीकृत दीर्घकालिक विकास योजना और वार्षिक क्रियान्वयन योजना बनानी होगी। इस योजना में बुनियादी ढांचा, रोजगार, आवास, आजीविका और कल्याण कार्यक्रम शामिल होंगे। सरकार ने वित्तीय अनुमान की भी नई शर्त रखी है, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 125% धनराशि को ध्यान में रखना अनिवार्य होगा।
तेलंगाना का यह नया ढांचा पहले से प्रचलित अन्य राज्यों के ग्राम नियोजन से अलग है, क्योंकि यह सभी योजनाओं को एक सामान्य निगरानी और जवाबदेही तंत्र में लाता है। इसके तहत ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) और विकास ग्राम पंचायत योजना (VGPP) को भी एकीकृत किया जाएगा।
ग्राम स्तर पर डेटा संग्रह और संकलन
नियमों में पंचायत सचिवों को प्रत्येक गृह संख्या अनुसार रोजगार, आवास, भूमिहीन मजदूर, कमजोर समूह, पशुधन, संपत्ति और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की जानकारी कंप्यूटरीकृत और ऑनलाइन पोर्टल पर मासिक अद्यतन करने का निर्देश दिया गया है। इससे ग्राम विकास का सही आंकलन संभव होगा।
यह नया मॉडल ग्राम स्तर के विकास को सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के साथ समन्वित करता है। केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा निर्धारित नौ विषयों के आधार पर योजना तैयार करने से स्थानीय स्तर पर सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
तेलंगाना के “Rising 2047” कार्यक्रम के ग्रामीण और कृषि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था (RARE) घटक के तहत GPSAP योजना एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में कार्य करेगी। यह राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक होगी।
सरकार के अनुसार, इस नई योजना से ग्राम पंचायतों की जवाबदेही बढ़ेगी और विकास गतिविधियों की बेहतर निगरानी संभव हो सकेगी। इससे स्थानीय स्तर पर संसाधनों के उपयोग में सुधार होगा और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होगा।
चूंकि हर ग्राम पंचायत अपनी योजना स्वयं बनाएगी, इस प्रक्रिया से योजना में पारदर्शिता आएगी और लाभार्थी सीधे अपने अधिकारों की जानकारी रख सकेंगे। सरकार अगले कदमों में प्रशिक्षण और आवश्यक तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी।
मुख्यबिंदु:
- तेलंगाना ने ग्राम विकास के लिए नवीन एकीकृत योजना प्रणाली लागू की।
- सभी ग्राम पंचायतों को दीर्घकालिक और वार्षिक योजना बनानी अनिवार्य।
- घर-घर जानकारी का मासिक ऑनलाइन संकलन होगा।
- योजना सतत विकास लक्ष्यों और “Rising 2047” के साथ जुड़ी है।




