Delhi-NCR के बढ़ते प्रदूषण से त्वचा व बालों की सुरक्षा के लिए 10 जरूरी टिप्स

दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में बढ़ते प्रदूषण के कारण आपकी त्वचा और बाल प्रभावित हो सकते हैं। त्वचा पर पिंपल्स, झुर्रियां और बालों के गिरने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अनिल केवी मिन्ज ने इस समस्या और बचाव के उपायों पर विस्तार से बताया है।
प्रदूषण से त्वचा और बालों को होने वाला नुकसान
डॉ. अनिल मिन्ज के अनुसार, हवा में घुले प्रदूषक त्वचा पर जमते हैं जो रोम छिद्रों को बंद करते हैं। इससे एक्ने, रैशेज और त्वचा का रूखा व फीका दिखना सामान्य होता है। लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से त्वचा की उम्र तेजी से बढ़ सकती है।
प्रदूषक त्वचा के कोलेजन को नुकसान पहुंचाकर झुर्रियों का निर्माण बढ़ाते हैं। साथ ही त्वचा की सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है, जिससे संवेदनशीलता, जलन और लालिमा जैसे लक्षण होते हैं।
इसी तरह, प्रदूषण बालों और स्कैल्प को भी प्रभावित करता है। स्कैल्प पर प्रदूषक जमा होने से सूखेपन, खुजली और बालों का गिरना तेज हो जाता है। बालों का रंग फीका और बाल मुश्किल से संभालने वाले हो जाते हैं।
प्रदूषण के कारण त्वचा व बालों के शुरुआती लक्षण
त्वचा पर प्रदूषण के प्रभाव के शुरुआती लक्षण में चेहरे पर असहजता, रूखापन, धब्बे, खुजली और पिंपल्स की बढ़त शामिल है। ये संकेत त्वचा की सुरक्षा परत कमजोर होने की ओर इशारा करते हैं।
बालों में सूखापन, फ़्र्र्सी होना, स्कैल्प की खुजली और बालों का झड़ना प्रदूषण के प्रभाव बताता है। अगर ये लक्षण दिखें तो तुरंत बचाव के उपाय अपनाने चाहिए।
डॉ. मिन्ज बताते हैं कि त्वचा को ज्यादा साफ करना या कठोर साफ-सफाई उत्पाद इस्तेमाल करना भी समस्याएं बढ़ा सकता है, इसलिए सही देखभाल जरूरी है।
उच्च प्रदूषण वाले दिनों में त्वचा और बालों की देखभाल के उपाय
डॉ. अनिल मिन्ज के अनुसार, सबसे पहले बाहर निकलने को सीमित करें और जब संभव हो घर के अंदर रहें। आहार में एंटीऑक्सिडेंट युक्त फल-तरकारी शामिल करें, जो शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले मुक्त कणों से लड़ने में मदद करते हैं।
दिन भर त्वचा की सफाई हल्के साबुन या क्लेंजर से करें, जिससे धूल-मिट्टी और प्रदूषक हट सकें। मॉइश्चराइजर का नियमित उपयोग करें तथा एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा का सनस्क्रीन लगाना न भूलें।
बाल धोने के लिए सौम्य शैम्पू का उपयोग करें और प्रदूषण में बाहर निकलते समय साफ और आरामदायक टोप या स्कार्फ पहनें। संवेदनशील स्कैल्प के लिए बिना खुशबू के उत्पाद चुनना फायदेमंद होगा।
ध्यान रखें कि अत्यधिक गर्म पानी से न धोएं और बालों को सही तरह से कंडीशन करें ताकि तूट-फूट से बचा जा सके। प्रदूषण के दिनों में सजग रहना और त्वचा तथा बालों की सुरक्षा करना जरूरी है।




