भारत विपक्ष ने Gyanesh Kumar को चुनावी धोखाधड़ी के आरोप में हटाने की मांग की

भारत में कांग्रेस नेतृत्व वाले 21 विपक्षी दलों के संयुक्त INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) Gyanesh Kumar के खिलाफ पहली बार हुए नकल संसद में महाभियोग प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव में उन पर चुनाव प्रक्रिया में धांधली करने, मतदाता सूची से भारी संख्या में नाम हटाने और आयोग की स्वतंत्रता से समझौता करने के आरोप लगाए गए। विपक्ष ने तत्काल उनकी पदमुक्ति की मांग की।
भारत में विरोधी दलों का चुनाव आयोग पर आरोप
यह नकल संसद कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के आवास, 10 Rajaji Marg में आयोजित की गई। इस कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा स्पीकर Meira Kumar ने की, जबकि Kharge ने प्रतिबंध प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष ने इस कदम को ‘वोट चोर’ अभियान का हिस्सा बताया, जो चुनाव आयोग और बीजेपी केंद्र सरकार के खिलाफ है।
खास बात यह है कि विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो कुल मतदाता संख्या का लगभग 15 प्रतिशत है। Lok Sabha में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने कहा कि यह संख्या पिछले लोकसभा चुनाव के विजेता के वोट प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि आयोग खुद मान रहा है कि 2024 के चुनाव वैध नहीं थे।
मुख्य आरोप और विपक्ष की मांगें
Congress अध्यक्ष Kharge ने कहा कि बिहार में SIR के जरिए वोट चोरी का पहला प्रयोग हुआ और बाद में इसे पूरे देश में लागू किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष मृत मतदाताओं के नाम हटाने के खिलाफ नहीं है, लेकिन मोदी सरकार इसका गलत इस्तेमाल कर रही है। विपक्ष ने लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना जरूरी बताया।
विपक्ष ने प्रमुख चुनाव आयुक्त कुमार पर छह गंभीर आरोप लगाए, जिनमें शामिल हैं: चुनावी धांधली, 13.2 करोड़ वोटरों को हटाने का जिम्मा, मतदाता पंजीकरण नियमों में बदलाव बिना संसदीय निगरानी के, इलेक्ट्रॉनिक डेटा पर केंद्रित नियंत्रण, दो चुनाव आयुक्तों को निर्णय प्रक्रियाओं से बाहर रखना, और संवैधानिक उल्लंघनों में बीजेपी के पक्ष में कार्य करना।
साथ ही विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कुमार और उनके परिवार को लाभ पहुंचाने वाले संदिग्ध मामले हैं।
मत चोरी को लेकर विरोधी दलों की प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी के त्रिनामूल कांग्रेस की डिप्टी नेता Sagarika Ghose ने कहा कि पश्चिम बंगाल के 2026 के चुनाव में चोरी हुई है, लेकिन वे आने वाले चुनावों में ऐसा नहीं होने देंगे। समाजवादी पार्टी के सांसद Harendra Malik ने कहा कि चुनाव आयोग और बीजेपी नागरिकों के मतदान अधिकार छीन रही हैं।
शिवसेना के सांसद Arvind Ganpat Sawant ने 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में संदिग्ध मतदान आंकड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वीडियो सबूत मांगने के बाद तक कोई CCTV फुटेज नहीं दिया गया। अन्य विपक्षी नेताओं ने भी CEC के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मतदाता जिनके नाम SIR के दौरान हटाए गए, उन्होंने भी अपनी आपत्ति जताई। Kolkata से दिल्ली आए मतदाता Anita Jaiswal ने कहा कि उन्हें अपने वोट का अधिकार वापस चाहिए। जनता और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। यह मामला लोकतंत्र की चुनौतियों और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
मुख्य तथ्य:
- INDIA ब्लॉक ने Gyanesh Kumar के खिलाफ पहली बार नकल संसद में महाभियोग प्रस्ताव रखा।
- 13.3 करोड़ मतदाता नाम हटाने और चुनावी धांधली के आरोप लगाए गए।
- विपक्ष ने तुरंत पदमुक्ति और देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
- 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा।




