हथियारों के बिना मरीज़ों से मिलें—स्मृति ईरानी का हरियाणा BJP नेताओं को संदेश

हरियाणा में बीजेपी की राज्य प्रभारी स्मृति ईरानी ने अपने पहले दौरे पर कहा कि नेताओं को सुरक्षा के साथ लोगों से मिलना नहीं चाहिए। उन्होंने पार्टी के जिला अध्यक्षों से आगाह किया कि सुरक्षा घेरे में रहकर वे जनता के निकट नहीं आ सकते हैं।
सुरक्षा बंदोबस्त पर तंज और नेता-जनता संवाद
स्मृति ईरानी, जिनके पास Z-सेक्टर की सुरक्षा है, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अक्सर बिना सुरक्षा के भी बाहर निकलती हैं। उन्होंने हरियाणा बीजेपी के जिला अध्यक्षों से आग्रह किया कि वे अपने गनमैन को छोड़कर शालीनता से जनता के बीच पहुंचें। उनका मानना है कि नेताओं का स्थायी जुड़ाव जनता से ही उनके कामयाबी की कुंजी है।
हरियाणा के कई जिला अध्यक्ष आम तौर पर पुलिस सुरक्षा के साथ चलते हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर उन्हें यह सुरक्षा नहीं मिली है। कई जिला अध्यक्ष अपने पुलिस अधीक्षकों से स्वेच्छा से एक सिपाही सुरक्षा के लिए मांगते हैं। कुछ इलाकों में ये नेता कई वाहनों का काफिला लेकर भी चलते देखे जाते हैं।
भविष्य की रणनीति और कार्यकारी बैठकें
ईरानी ने पंचकूला में पार्टी के राज्य कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों से बातचीत की। वे हरियाणा में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूत करने के लिए दो दिन के कार्यक्रम में आई थीं। उन्होंने बूथ स्तर पर 11 सदस्यीय समितियों के गठन पर ज़ोर दिया, ताकि हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी स्पष्ट हो।
राज्य अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया कि प्रत्येक बूथ पर ‘पन्ना प्रमुख’ नियुक्त किए जाएंगे, जो चुनावी मतदाता सूची के पन्नों की निगरानी करेंगे। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि कोई भी कार्यकर्ता बिना जिम्मेदारी के न रहे।
राज्य और जिला पदाधिकारी जिला भ्रमण करेंगे, जिससे बूथ कार्य की समीक्षा हो सकेगी। उन्हें वरिष्ठ और पुराने कार्यकर्ताओं से मिलना होगा ताकि सरकार की योजनाओं के लाभ सीधे लोगों तक पहुँच सकें।
भोजन समारोह में मुख्यमंत्री नयाब सिंह सैनी के साथ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला, पूर्व मंत्री राम बिलास शर्मा और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। चर्चा का मुख्य विषय सरकार की कार्यप्रणाली और प्रतिपुष्टि थी।
बीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि स्मृति ईरानी उन 42 सीटों का भी विश्लेषण करेंगी, जहां पार्टी पिछली बार चुनाव हार गई थी। वे संगठन की कमजोरियों और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका को जांचेंगी। पार्टी का मकसद अगले चुनाव की मजबूत तैयारी करना है ताकि लगातार तीसरी बार सरकार बने।




