पश्चिम बंगाल सरकार की नई निवेश नीति में रोजगार-संबंधित प्रोत्साहन और मशीनरी सहायता

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने 5 नवंबर को नई निवेश प्रोत्साहन नीति की घोषणा की, जो राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सशक्त उपाय प्रस्तुत करती है। यह नीति 9 मई से लागू होगी, जब पहली बार राज्य में बीजेपी की सरकार बनी थी।
नई नीति में रोजगार और निवेश को बढ़ावा
नई निवेश नीति में महिलाओं और ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को रोजगार देने वाली उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही प्लांट और मशीनरी में की गई फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (FCI) पर 120% तक सहायता मिलेगी, खासकर प्राथमिक क्षेत्रों में। यह नीति उद्योग जगत को सहज और समर्थनपूर्ण माहौल देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस नीति से पहले, त्रिणमूल कांग्रेस सरकार ने उद्योगों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं को समाप्त कर दिया था, जिससे औद्योगिक विकास में बाधा आई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार ने उद्योगपतियों के साथ धोखा किया है और वे अब इसे सुधारेंगे। सरकार बलपूर्वक भूमि अधिग्रहण नहीं करेगी और उद्योगों को अपनी जमीन स्वयं खरीदनी होगी जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
प्रोत्साहन के मुख्य बिंदु और लक्ष्य क्षेत्र
नई नीति के तहत एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं और ट्रांसजेंडर कर्मचारियों की नौकरी पर 10 वर्षों तक 100% EPF योगदान वापसी जैसे प्रोत्साहन मिलेंगे। प्राथमिक क्षेत्रों में उद्योगों को 110% से 120% तक निवेश में सहायता दी जाएगी, जबकि नियमित उद्योगों को 100% तक। इस सहायता की अवधि 10 वर्ष या औद्योगिक उत्पादन शुरू होने के बाद अनुमोदित सीमा पार होने तक होगी।
राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन, डिजिटल तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा तथा खाद्य और समुद्री प्रसंस्करण को प्राथमिक क्षेत्र घोषित किया है। इन क्षेत्रों में विशेष निवेश योजनाएं लागू होंगी।
अधिकारियों के अनुसार, योजनाओं के अनुमोदन के लिए निर्धारित समय सीमा भी तय की गई है: 30 दिनों में सर्टिफिकेट ऑफ इंटेंट, 45 दिनों में सर्टिफिकेट ऑफ एलीजिबिलिटी और बड़े परियोजनाओं के लिए समर्पित अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
नवीकरणीय ऊर्जा ओपन एक्सेस पर मार्च 2030 तक सरचार्ज छूट देने की भी घोषणा की गई है। साथ ही बंद या संकटग्रस्त उद्योगों के पुनरुद्धार के लिए विशेष सहयोग मिलेगा। गैर-लाभकारी संस्थान जो ₹100 करोड़ से अधिक निवेश करते हैं, उन्हें विशेष छूट और लाभ मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुखों से संवाद में कहा कि सरकार उनके साथ हमेशा खड़ी रहेगी और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि संबंधित मुद्दों को जल्द निपटाया जाएगा। राज्य ने पहले ही 33 व्यापारिक समूहों को भूमि सौंप दी है और अगले कुछ महीनों में ₹1 लाख करोड़ के औद्योगिक भूखंडों की मांग पूरी करने में सक्षम है।
यह निवेश प्रोत्साहन नीति पश्चिम बंगाल में उद्योगों की पुनरुद्धार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह नीति एक नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है जो उद्योगपतियों को विश्वास दिलाएगी।




